मामला ग्रामीण प्रधानमंत्री सडक ही चोरी का है


 
- मनोज मिश्रा, ब्यूरो चीफ अयोध्या

खबरें होती थी किसी के यहाँ चोरी हो गईं है, किसी ने किसी को जान से मार दिया, तो किसी ने किसी के जमीन पर कब्जा कर लिया यही आप लोगों ने सुना होगा। किन्तु एक बहुत बड़ी खबर सामने आईं है सड़क चोरी होने की। जी हाँ ये खबर कहीं और की नहीं उत्तर प्रदेश के पुराने मशहूर चर्चित जिले अयोध्या की है। देखा जाए तो अयोध्या चर्चा मे तब से ज्यादा आ रहा है जब से फैजाबाद लोकसभा सीट भाजपा के लल्लू सिंह हार गए और सपा के अवधेश प्रसाद जीत गए। किसी के हार जीत से बड़ी खबर है अथवा कहीं पर लगभग 13 से 15 किलोमीटर की ग्रामीण प्रधानमंत्री सडक ही चोरी हो जाए। ये पूरा मामला अयोध्या जिले के मिल्कीपुर तहसील का है। यह ग्रामीण प्रधानमंत्री सड़क इनायत नगर से तुलापुर होते हुए पास हुई है किन्तु ये प्रधानमंत्री सड़क ही गायब है जब इस बारे मे किसान नेता जो प्रदेश सचिव है रमेश त्रिपाठी ने पूर्व जिलाधिकारी अनुज झा को बताया और सभी कागज दस्तावेज दिखाए तो उन्होंने अपने माथे पर हाथ रख लिया लेकिन कार्यवाही के नाम पर शून्य बटा सन्नाटा। प्रदेश सचिव रमेश त्रिपाठी ने आगे बताया ये प्रधानमंत्री सड़क सपा की सरकार मे बनी थी किन्तु अब तो भाजपा की सरकार है सही को सही और गलत को गलत क्यू नहीं करती। 17 अगस्त, 2024 समाधान दिवस पर बैठे भानु गुट के किसान नेता और किसान कार्यकतर्ता काफी नाराज नजर आए। किसान नेता प्रदेश सचिव रमेश त्रिपाठी ने कहा मिल्कीपुर मे उपचुनाव है जिसके चलते भाजपा के मंत्री आए दिन अयोध्या और मिल्कीपुर का दौड़ा लगा रहे है तो हो सकता है मिल्कीपुर की कायाकल्प हो जाए किन्तु नहीं। आप को ऐसा क्यू लगता है की योगी सरकार आप किसानों की क्यू नहीं सुनेगी?

प्रदेश सचिव रमेश त्रिपाठी ने कहा आज हमें बहुत दुःख हुआ क्यूकि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मिल्कीपुर तहसील पहुचे समाधान दिवस के दिन लोगों की समस्या जानने लोगों की जनसुनवाई करके समाधान करने लेकिन हुआ क्या आए और चले गए। रमेश त्रिपाठी ने कहा, हम किसान है कोई छूत की भीमारी नहीं जो सूर्य प्रताप शाही ने हमारी तरफ देखा भी नहीं, समस्या जानना तो दूर की बात है। जिस तरह से धरने पर बैठे किसान गुस्से से आग बबूला हो रहे थे इससे साफ है की आने वाले उपचुनाव मे भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। क्यू की जनता बसती है गांव मे न की चिक्कन वाली सड़क पर। चिक्कन वाली सड़क पर सिर्फ गाड़ियाँ दौड़ती है और किनारे दुकाने सजती है। दुकानदार के लिए हार ग्राहक भगवान होता है लेकिन तब तक जब तक ओ ग्राहक उसके दुकान पर खड़ा है जब दुकान से हटा तो उसका भाव घटा।

असलियत यही है ग्रामीण जनता परेशान है छुट्टे जानवर से ग्राम प्रधान से लेकर बड़े बड़े कुछ भ्रस्ट अधिकारीयों से अब ऐसे मे ग्रामीण जनता अपनी व्यथा कहे तो किससे, न्याय करने वाला ही अन्याय करने लगे तो कहाँ जाए लाजमी है की ऐसे मे यदि जनता अपने पास किसी मंत्री को देखती है तो न्याय संगत को लेकर उसकी उम्मीदें बढ़ जाती है और उसी समय घटना घट जाए की मंत्री उसे अनदेखा कर उसकी परेशानी पूछे बिना वहाँ से हट जाए तो गुस्सा तो आएगा ही। अब देखना है मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अपने मंत्रियो की इस गलती को कैसे दूर करते है कैसे मिल्कीपुर विधानसभा की जनता का दिल जीतकर उपचुनाव जीतते है।

प्रदेश सचिव रमेश त्रिपाठी ने क्या कहा पूरा जानने के लिए ऊपर वीडियो को देखें।




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