करवाचैथ भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है

- राजेन्द्र कुमार ब्यूरो चीफ झांसी

जनपद झांसी में करवाचैथ पति-पत्नी की रिश्ते से जुड़ा पवित्र त्यौहार है आज झांसी में मनाया गया। करवाचैथ त्याग और समर्पण का व्रत है, इस व्रत में महिलाओं ने निर्जल व्रत रखकर पति और परिवार की मंगल कामना के लिए देवी करवा और  शिव परिवार की पूजा की और सोलह-सिंगार कर चांद के दर्शन के बाद ही जल और अन्य ग्रहण किया। करवाचैथ प्रेम तपस्या और समर्पण की पराकाष्ठा का पर्व है। 

करवाचैथ भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है।  इसे बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह पर्व महिलाओं विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु अच्छे स्वास्थ्य सुख-समृद्धि और मंगल की कामना के लिए रखा गया है। महिलाओं ने निर्जनस बिना पानी पिए व्रत रखा रात्रि में चंद्रमा को चंद्रमा को अर्ध देकर अपने व्रत को पूर्णकर खोल। 

इसके पूर्व महिलाओं ने श्री गणेश जी की पूजा की, शाम को चांद निकलने के पहले पूजा-अर्चना की चंद्रदर्शन करने के बाद सुहागानों ने अपने पति के हाथों से जल और फल मिष्ठान खिलाकर आशीर्वाद देने के साथ व्रत तोड़ा और पति वह अपने बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके एवज में पति ने अपनी पत्नी को उपहार भी दिए। इस मौके पर श्रीमती पुष्पलता, किशनलता, श्रीमती प्रियंका, श्रीमती शिल्पा देवी एवं अन्य महिलाएं मौजूद थी।



 

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