विदेशों में भी एक्सपोर्ट किया जाता है अलीगढ़ का ताला
घनचक्कर बना देगा ताला, चुटकियों में होता है बंद, खोलने में छूट जाएंगे पसीने
- मनोज मिश्रा
उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ जिला ताला के लिए विश्व विख्यात है। अलीगढ़ में बड़े पैमाने पर ताला बनता है। यहां कई तरह के ताले तैयार बनाए जाते हैं। अलीगढ़ को ताला नगरी भी कहा जाता है। यहां एक ताला ऐसा भी है जिसको बंद करने के लिए चाबी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस ताले को पुश लाक कहा जाता है।
इस ताले को बनाते समय इसमें डाले गए लीवर में एक ऐसी बटन का उपयोग किया जाता है, जिसको दबाते ही यह लाक हो जाता है, लेकिन वापस दबाने पर खुलता नहीं है, जिसे खोलने के लिए चाबी की जरूरत पड़ती है। इस पुश लाक की मांग विदेश तक है।
ताला कारोबारी जमाल अहमद ने बताया कि मेरे यहां पिछले 30 वर्षों से ताले का कारोबार किया जा रहा है। हमारे यहां बनने वाले तालों में एक पुश लाक भी तैयार किया जा रहा है, जिसे लगाने के लिए चाबी की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन खोलने के लिए चाबी की जरूरत पड़ती है। यही इस ताले की खासियत है। जमाल ने बताया कि इस ताले में एक बटन का उपयोग किया जाता है। जैसे ही हम उस ताले को पुश करते हैं वह ताला लग जाता है, लाक हो जाता है। इस ताले की डिमांड मार्केट में बहुत है और इस ताले को भारत के अलावा विदेशों में भी एक्सपोर्ट किया जाता है।
जमाल ने बताया कि इसकी कीमत तले के साइज के हिसाब से होती है। ताला 30 एमएम, 40 एमएम या 50 एमएम का है। तो उसी हिसाब से इसकी कीमत तय की जाती है, लेकिन आमतौर पर इस ताले की कीमत 50 रूपए से लेकर डेढ़ सौ रूपए तक की होती है। इस ताले को पीतल से बनाया जाता है और इसमें स्टील की कड़ी का इस्तेमाल किया जाता है।
जमाल ने बताया कि इस ताले की चाबी भी पीतल की ही बनती है। इस ताले को लाक करने के लिए इसके लीवर में एक ऐसी बटन का उपयोग किया जाता है जिसे दबाते ही यह बिना चाबी के लाक हो जाता है, लेकिन खोलने के लिए चाबी की आवश्यकता पड़ती है। इस पुश लॉक की डिमांड भारत के अलावा विदेशों में भी भारी डिमांड है।