चन्द्रमा जन्य पीड़ाओं की शांति के उपाय
डा. डी.एस. परिहार
चन्द्रमा ज्योतिष मे मानसिक स्थिति, सुख-शांति, धन-संपत्ति, यात्रा, गर्भाधान, शिशु अवस्था, व्यवहार, मनोबल, गर्भाशय, बांयी आंख और छाती सुंदर, कल्पनाशीलता, भावुकता, संवेदनशीलता, साहस, शीतलता और शांति माता, दूध, और उत्तर पश्चिम दिशा का कारक माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को स्त्री ग्रह और जलीय ग्रह माना गया है। चंद्रमा कमजोर हो तो जातक मानसिक रूप से कमजोर, भुलक्क्ड़ व व्यक्ति कई बार मुश्किल समय में आत्महत्या करने की कोशिश करता है चन्द्रमा कमजोर हो तो व्यक्ति मन से कमजोर होता है और उसके अंदर साहस की कमी और मानसिक परेशानियां रहती हैं। जातक को मस्तिष्क पीड़ा, अनिद्रा, सिरदर्द, तनाव, डिप्रेशन रहता है व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार आते हैं। मन में सदैव अज्ञात भय की स्थिति रहती है चाह कर भी ऐसे व्यक्ति दूसरों का मना नहीं कर पाते हैं जिस कारण ये तनाव से ग्रसित हो जाते हैं चंद्रमा के अशुभ होने से मां का पूर्ण सहयोग प्राप्त नहीं हो पाता है। मां की सेहत खराब रहती है पागलपन, नजला जुकाम, टी.बी., गर्भाशय के रोग सांस संबधी परेशानी होती है, मित्रों से धोखा मिलता है। कैरियर में बाधा आती है कई बार भ्रम की स्थिति रहती है वाणी पर संयम नहीं रहता है व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर परेशान होने लगता है, जल्दी भावुक हो जाता है। भावुकता मे गलत फैसले लेना कमजोर चंद्र की निशानी है। लोगों को इसके अलावा नीद न आना, मानसिक थकावट, किसी काम में मन न लगना, तनाव, डिप्रेशन, एकाग्रता की कमी, पथरी मूत्र रोग डायबिटीज आदि परेशानियां सताने लगती हैं।
अशुभ चंद्रमा की शांति के उपाय
1. माता पार्वती जी की पूजा करने से चंद्रमा की अशुभता कम होती है।
2. सोमवार के दिन व्रत रखने से एवं शिव चालीसा का पाठ करने से भी चंद्रमा शुभ होता हैें।
3. मां की सेवा करने से चन्द्रमा बलशाली होता है।
4. पूर्णिमा को पवित्र नदी मे स्नान करें पानी की बर्बादी न करें।
5. शिव की पूजा करनी चाहिए। विशेष रूप से सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध चढ़ाऐं।
6. इसके अलावा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को घी भरा कलश, दही, सफेद वस्त्र, सफेद मोती, दूध या चांदी का दान करें।
7. 7 से 10 रत्ती का निर्दोष सफेद मोती कनिष्ठा मंे धारण करने से चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।
8. हाथ में चांदी का कड़ा, चेन या अंगूठी आदि पहनने से भी चंद्र मजबूत होता है।
9. चंद्रमा को सबसे ज्यादा डर राहू से लगता है और राहू छाया ग्रह है। राहू गंदगी व प्रदूषण का प्रतीक है। वहीं चंद्रमा जो हमारे आपके मन को आकर्षित करता है। ऐसे में स्वच्छता पर ध्यान देंगे तो चंद्र देव बली होंगे।
10. माता की सेवा करने और नियमित रूप से उनके पैर छूकर आशीष लेने से भी आपका चंद्रमा मजबूत होता है।
11. चंद्रमा को मजबूत करने के लिए देर रात तक न जागें, कुंडली में कमजोर चंद्रमा के लोगों को देर रात नहीं जागना चाहिए। चन्द्रमा रात्रि व राहू अनिद्रा का का प्रतीक है।
12. पानी की टंकी की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए
13. चन्द्र दोष से पीड़ित व्यक्ति को श्वेत मोती तथा श्वेत पुखराज का दान करना चाहिए सफेद रंग के वस्त्र बांटने से पीड़ा का निवारण होता है।
14. चन्द्र ग्रह से सम्बंधित दान सोमवार या चन्द्र के नक्षत्र रोहिणी, हस्त या श्रवण नक्षत्र में दान करना चाहिए।
15. दान में अपने वजन के बराबर चावल, सफेद वस्त्र, कपूर, चांदी, सफेद चन्दन, चीनी, मोती, दही दक्षिणा सहित ब्राह्मण को शिव मंदिर में दान करना चाहिए।
16. चन्द्र जन्य विशेष पीड़ा जैसे टी.बी. मिरगी, प्रेतबाधा, पथरी, किडनी ट्रान्सप्लान्ट की स्थिति मे का प्रतीक 40 किलो खीर दान करे। आधा-आधा किलो चावल के अपने वजन के बराबर पैकेट बना कर दान करे।
17. पानी या शर्बत का प्याऊ लगवाये। सार्वजनिक स्थल पर नल लगवायें।
18. सोमवार को पांच शक्कर के बड़े बताशे दान करे।