जेल में नशा उन्मूलन कार्यक्रम आयोजित

हग्स लाइफ हालिस्टिक ने जिला जेल लुक्सर में किया नशा उन्मूलन कार्यक्रम

मुख्य अतिथियों और अधिकारियों ने नशे की लत के दुष्परिणामों को बताते हुए नशे के विरूद्ध दिलाई गई शपथ 

- विजय वर्मा

गौतमबुद्धनगर में नशा उन्मूलन की दशा में क्रांतिकारी कार्यक्रम करते हुए हग्स लाइफ हालिस्टिक नशा मुक्ति केन्द्र ने नशे की लत से पीड़ित जिला कारागार लुकसर में लगभग तीन सौ बन्दियों को नशे की लत के बाद होने वाले दुष्परिणामों से बचाव का संदेश देते हुए नशे के विरूद्ध शपथ दिलाई। ऐसा कार्यक्रम जो कि प्रथम बार लवलिट पीर द्वारा लुकसर जेल में आयोजित हुआ है। 

विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतम बुद्ध नगर, सचिव, अपर जिला जज ऋचा उपाध्याय की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में संस्थान अध्यक्ष लवलिट पीर ने जेल प्रशासन व बन्दियों और मौजूद सभी को नशे के विरूद्ध शपथ दिलाई, जिनके साथ जिला मैजिस्ट्रेट मनीष वर्मा, जेल प्रशासन के अधीक्षक बृजेश कुमार, जेलर संजय कुमार साही एवं राजीव कुमार, डिप्टी जेलर शिशिर कुशवाहा व राम प्रकाश शुक्ला एवं मनोज कुमार, जेल चिकित्सक विवेक पाल, व फार्मा फार्मासिस्ट संजय सिंह, मुख्य चिकित्सक अधिकारी नरेन्द्र कुमार, मनोरोग विशेषज्ञ एवं मनोचिकित्सक डा. सतीश कुमार आदि मौजूद रहे। 

नशा मुक्ति के लिए जहां जागरूकता के टिप्स उच्च अधिकारियों और वक्ताओं ने दिए वहीं बच्चे से लेकर बड़े तक हर उम्र में नशे की लत के दुष्परिणामों तथा नशा छोड़ने पर विड्रावल सिम्पटम्स से लेकर नशे की लत से जुड़े हर पहलू पर मौजूद सभी को उपयोगी जानकारी दी गई। कविता के माध्यम से भी नशे के विरूद्ध संदेश दिया गया।

समाज सेविका रचना वशिष्ठ ने सफलतापूर्वक संचालन किया। मोटिवेशनल स्पीकर राकेश मस्सी, जिनका जीवन धारा के नाम से नामचीन नशा मुक्ति केन्द्र भी दिल्ली एनसीआर में है एवं राजीव कुमार ने 300 के करीब नशे की समस्या से चिन्हित बन्दियों के जीवन शैली व आचार-विचार से ऐसा अदभुत जुड़ाव बनाया की सभी कार्यक्रम के प्रवाह में एकाग्रता से जुड़े रहे व कार्यक्रम को अति रूचिकर एवं सफल बनाया। लवलिट पीर के संस्थान हग्स लाइफ हालिस्टिक, नशा मुक्ति केन्द्र ने इस अत्यन्त सफल कार्यक्रम में जेल प्रशासन में मौजूद सभी अधिकारीगणों की उपस्थिति दर्ज कराकर मिसाल कायम की।

जिला मजिस्ट्रेट मनीष वर्मा व जेल अधीक्षक  बृजेश कुमार ने अपने महत्वपूर्ण संबोधन में बताया कि लुक्सर जेल में नशे से सम्बन्धित सर्वप्रथम हग्स लाइफ हालिस्टिक संस्थान ने कार्यक्रम प्रस्तुत करके जो मिसाल कायम की है। गौतम बुद्ध नगर में ऐतिहासिक कदम है साथ ही डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट मनीष वर्मा को जब कार्यक्रम के दौरान जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार से जानकारी मिली के जेल के भीतर बन्दियों को बीड़ी-सिगरेट उपलब्ध कराने का आफिशियल नियम है तो, लवलिट पीर द्वारा श्नशा मुक्त जेल की शपथ, अपने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दिलाई। 

इसके बाद तत्काल प्रभाव से डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट ने जेल में बन्दियों के धूम्रपान पर रोक लगाने के मौखिक आदेश भी दिए तथा संस्थान हग्स लाइफ हालिस्टिक मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र नशा मुक्ति पुनर्वास तथा परामर्श एवं प्रशिक्षण संस्थान को नियमित रूप से जेल परिसर में समय-समय पर बन्दियों को मानसिक स्वास्थ्य तथा नशे की लत से जुड़े तमाम पहलुओं पर कार्यक्रम का आयोजन करके नशे की लत की समस्या की दिशा में अग्रसर रहते हुए सहयोग की प्रशंसा की।



 

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