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आस्था, विश्वास और चमत्कार का संगम है अदलपुरा माता शीतला देवी मन्दिर
June 12, 2019 • चन्द्रशेखर निषाद

शीतला माता देवी का प्राचीनकाल से ही बहुत अधिक माहात्म्य रहा है। अदलपुरा शीतला माता का मंदिर देश के प्रमुख में से एक है। इस मंदिर के पीछे मान्यता यह है कि यहाँ माँगी गई सभी मनोकामना माँ शीतला पूरी करती है। मार्च-अप्रैल में यहाँ लगने वाले चैत मेले में माँ के दर्शन करने के लिए देश के विभिन्न भागों से लोग आते हैं। श्रद्धालुओं की माता शीतला के प्रति इस कदर आस्था है कि वे मंदिर परिसर के बाहर दिन-रात चादर बिछाकर रहते हैं, वहीं खाना बनाते हैं। तेज गर्मी की मार, गंदगी और दूसरी कठिनाईयाँ भी आस्था के सामने छोटी पड़ जाती हैं। हालाँकि पूरे नवरात्रि के दौरान यहाँ बहुत श्रद्धालु आते हैं और अष्टमी व नवमी के दिन भक्तों की संख्या बहुत ज्यादा ही बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं को माता शीतला के प्रति बड़ी आस्था है। लेकिन अन्य तीर्थ स्थलों की अपेक्षा अभी भी उपेक्षित है।
शीतला माता मंदिर के के संदर्भ श्री जे. आर. निषाद राष्ट्रीय अध्यक्ष एकलव्य समाज पार्टी ने बताया है कि ऐसी मान्यता मंगल मांझी सहित उनके सभी भाईयों के स्वप्न में उनळें बताया मैं गंगा में हूँ मुझे निकलकर स्थापित करो। और उन्हें शीतला माता की मूर्ति मिली उन्होंने ही इस मूर्ति को स्थापित किया था। आज भी इस मन्दिर का संचालन मल्लाह समाज के लोग ही करते है। शीतला माता मन्दिर में सबसे ज्यादा भीड़ चैत के नवरात्रि मेले मे सोमवार और रविवार को होती है। इस दिन लाखों लाखो लोग यहाँ दर्शन करने आते हैं। इस अवसर पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को समस्या न आए इसका प्रशासन की ओर से विशेष प्रबन्ध किया जाता है। साल में यहाँ दो बार मेला लगता है। चैत के अलावा सावन माह में भी यहाँ मेले लगते हैं।
इस पवित्र स्थान पर लोग अपने बच्चों का मुंडन कराने भी दूर-दूर से आते हैं। जो लोग अपने बच्चों का मुंडन यहाँ आकर नहीं करा पाते वह भी बाद में यहाँ अपने बच्चों को माता के दर्शन कराने के लिए जरूर लेकर आते हैं। इसी तरह अपने बच्चों की शादी की मन्नत भी लोग यहाँ माँगते हैं। देवी शीतला माता की आराधना करने से पूरे परिवार की एकता बनी रहती हैं। साथ ही माता रानी सभी मनोकमना भी पूरी करती हैं। ऐसी मान्यता है अदलपुरा माता शीतला देवी मन्दिर आस्था, विश्वास और चमत्कार संगम है। शीतला माता को मुख्य रूप से प्रसाद में पूड़ी, हलवा, नारियल, चुनरी और इलायची दाना चढाया जाता है।
मिरजापुर जनपद के अदलपुरा में माता शीतला देवी मन्दिर वारणसी से लगभग 25 किलोमिटर दूरी पर स्थिति है। वाराणसी से चितईपुर होते हुए अदलपुरा में सुल्तानपुर में माता शीतला देवी का मन्दिर है।