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इतिहास व नागरिक शास्त्र के नये-नये तथ्यों को उजागर किया
September 2, 2019 • समाचार

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, महानगर कैम्पस, लखनऊ द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित किये जा रहे चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय इतिहास एवं नागरिक शास्त्र महोत्सव 'रिफलेक्शन-2019' के तीसरे दिन श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश व देश के कोने-कोने से पधारे बाल इतिहासकारों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने ज्ञान-विज्ञान का बेहतरीन प्रदर्शन कर इतिहास व नागरिक शास्त्र के नये-नये तथ्यों को उजागर किया, साथ ही मित्रता, सौहार्द व आपसी भाईचारा का संदेश भी प्रवाहित किया। 'रिफलेक्शन-2019' के अन्तर्गत प्रतिभागी छात्रों ने साकर्टीज स्पीच, सेल्फ ओडिसी (क्रिएटिव राइटिंग), असेम्बली आॅफ इस्लीशिया (ग्रुप डिस्कशन), परसुईट, रिदम एण्ड विजन (कोरियोग्राफी) आदि प्रतियोगिताओं से आदिम सभ्यता से लेकर वर्तमान युग तक की मानव सभ्यता के निरन्तर विकास की कहानी का ऐसा अभूतपूर्व चित्रण पेश किया कि दर्शकों ने दाँतो तले उंगली दबा ली। इस चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव ने भावी पीढ़ी को विश्व एकता व विश्व शान्ति की राह दिखाकर अपनी सार्थकता सिद्ध कर दी है।
 इससे पहले तीसरे दिन का शुभारम्भ 'परपज आॅफ टुडेज एजुकेशन' विषय पर सारगर्भित परिचर्चा से हुआ, जिसके माध्यम से देश-विदेश से पधारे छात्रों ने भरपूर प्रेरणा ग्रहण की। सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास किये जाने चाहिए जिससे प्रत्येक बालक को घर व विद्यालय दोनों जगह विश्व एकता एवं विश्व शान्ति के विचार मिल सके। उन्होंने कहा कि विश्व बन्धुत्व की भावना के विकास द्वारा वसुधा कुटुम्ब का स्वप्न साकार करने में सहायता मिलेगी। 
 'रिफलेक्शन-2019' के तीसरे दिन प्रतियोगिताओं का दौर साकर्टीज स्पीच प्रतियोगिता से हुआ। इस प्रतियोगिता में 35 छात्र टीमों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपने इतिहास के ज्ञान, बोलने की कला तथा अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने आपको किसी न किसी महान व ऐतिहासिक व्यक्तित्व के रूप में ढालकर उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। ग्वालियर ग्लोरी हाई स्कूल, मध्य प्रदेश के मोक्ष अरावतिया ने नेपोलियन बोनापार्ट, रायन इण्टरनेशनल स्कूल, शाहजहांपुर की साईशा खान ने मिखाईल गोर्बाचोव, भवन्स भगवानदास पुरोहित विद्या मंदिर, नागपुर, महाराष्ट्र के सरन्य जायसवाल ने एलेक्जेन्डर द ग्रेट, जवाहर नवोदय विद्यालय, हरिद्वार के हिमांशु धपोला ने सुकरात, डालिम्स सनबीम स्कूल, सिगरा, वाराणसी के यथार्थ कृष्ण पाण्डेय ने महात्मा गांधी का चरित्र स्टेज पर सजीव कर दिखाया। इसी प्रकार, कई अन्य प्रतिभागी छात्रों ने स्वामी विवेकानन्द, अरस्तू, इन्दिरा गांधी, मदर टेरेसा समेत विश्व की कई महान हस्तियों की वेषभूषा में सुसज्जित होकर समाज हित के उनके कार्यो को दर्शाया एवं उनकी उपलब्धियों, ऐतिहासिक निर्णयों एवं उनके जीवन दर्शन से लोगों को अवगत कराया। इसी प्रकार सेल्फ ओडिसी (क्रिएटिव राइटिंग) में भी छात्रों ने बड़े उत्साह से प्रतिभाग किया एवं दिये गये तीन विषयों में से अपने पसंदीदा विषय पर अपने विचारों को मूर्तरूप दिया।  असेम्बली आॅफ इस्लीशिया (ग्रुप डिस्कशन) में प्रतिभागी छात्रों ने विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए समूह परिचर्चा की और विश्व की वर्तमान परिस्थितियों एवं ज्वलन्त मुद्दों पर सारगर्भित विचार रखे। 
 अपरान्हः सत्र में आयोजित रिदम एण्ड विजन (कोरियोग्राफी) प्रतियोगिता सभी के आकर्षण का केन्द्र रही। इस प्रतियोगिता ने दर्शकों में ऐसा उल्लास जगाया कि तालियों की गड़गड़ाहट से आॅडिटोरियम गंुजायमान हो उठा। 'सोशल रिफार्म व्हिज इम्पैक्टेड द वल्र्ड' विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में जूनियर और सीनियर सेक्शन के छः छात्रों की टीम ने हिस्सा लिया। देश-विदेश के प्रतिभागी छात्रों ने तीन मिनट की नृत्य नाटिका की प्रस्तुति में इतिहास की किसी एक महत्वपूर्ण घटना को मंच पर अभिनय, नृत्य, संगीत के संुदर संगम द्वारा प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता में 25 प्रतिभागी छात्र टीमों ने अपने अभिनय कौशल का ऐसा जादू चलाया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये। इसी प्रकार, परसुईट (प्रोजेक्ट आॅफ कम्युनिटी सर्विस) प्रतियोगिता में विभिन्न छात्र टीमों ने प्रतिभाग किया एवं पावर प्वाइन्स प्रजेन्टेशन के माध्यम से बताया कि विद्यालय किस प्रकार के विश्व एकता व विश्व शान्ति की स्थापना में रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं। यह प्रतियोगिता 'वल्र्ड यूनिटी - फ्राॅम विजन टू एक्शन' विषय पर सम्पन्न हुई, जिसमें छात्रों एकता व शान्ति के लिए किये गये कार्यो का विवरण प्रस्तुत किया।