ALL News Religion Views Health Astrology Tourism Story Celebration Film/Sport Vedio
प्रैडिक्शन टैकनिक आफ कीरो
November 18, 2019 • डी.एस. परिहार

20 वीं सदी के महानतम ब्रिटिश हस्तरेखा विशेषज्ञ का नाम कौन नही जानता है। 19 वीं सदी के अंतिम दशक से 20 वीं सदी केे तीसरे दशक के मध्य उन्होने पामिस्ट्री के क्षेत्र मे सारे विश्व में एक छत्र राज्य किया उन्होंने ने अपने दौर के दर्जनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों, राजाओं, बादशाहांे, सैन्य जनरलों, फिल्म कलाकारों, लेखकों, कवि, अन्वेषको, पत्रकारों, वैज्ञानिको, मंत्रियों, व्यापारियों, पागलों और अपराधियों का अध्ययन करके सटीक और बेजोड़ भविष्यवाणियाँ की और उन्होंने अंक विद्या, हस्तरेखा और एस्ट्रोलजी पर करीब दो दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखी। जो निम्नलिखित हैं।
अंक विद्याः- बुक आॅफ नम्बर, कीरोज पामिस्ट्री एंड न्यूमरोलाजी
पाॅमिस्ट्रीः- पाॅमिस्ट्री फार आॅल, गाइड टू दि हैण्ड, लैग्वेज आॅफ हैण्ड, यू एण्ड योर हैण्ड, कीरोज बुक आॅफ लव एण्ड मैरिज, कीरोज बुक आॅफ लाइफ एण्ड हैल्थ, कीरोज पाॅमिस्ट्रीः द सीक्रेटस साइंस, कीरोज बुक आॅफ पामिस्ट्री, न्यूमरोलाजी एंड एस्ट्रोलाॅजी, कन्फैशन मेमोरीज आॅफ सोसाइटी पाॅमिस्ट 1912।
एस्ट्रोलाॅजीः- बुक आॅफ एस्ट्रोलाॅजी, व्हन यू आर बाॅर्न, कीरोज बुक आॅफ फेट एंड फोरचून, यू एंड योर स्टार, कीरोज एस्ट्रोलाॅजी एंड योर बर्थ डे, रीड योर पास्ट, प्रैसेन्ट एंड फयूचर।
अन्य पुस्तकेंः- टूª घोस्ट स्टोरीज, टाइटैनिकस लास्ट सीक्रेटस, रियल लाइफ स्टोरीज, कीरोज वल्र्ड प्रैडिक्शनस, मिस्ट्रीज एण्ड रोमांस आॅफ वल्र्ड ग्रेटस्ट आॅकलटिस्ट, कीरोज बुक आॅफ आॅरकलम एण्ड एस्ट्रोलाॅजी।
कीरोज ने अपनी भविष्यवाणियों मे अपनी अतीन्द्रिय शक्तियों के अलावा चैल्डियन अंक विद्या, हस्तरेखा और जोडएक एस्ट्रोलजी का सम्मलित प्रयोग करते थे जिससे उनकी भविष्यवाणियाँ बेजोड़, सटीक और आश्चर्यजनक होती थीं। वह किसी भी घटना की एकदम सही तारीख, वार, महीना और वर्ष तक बता देते थे। शुभ या अशुभ घटना के ज्ञान के लिये वे हस्तरेखा का सहारा लेते थे और वर्ष, माह, दिन, वार और तारीख के लिये चैल्डियन अंक विद्या, और जोड एक एस्ट्रोलजी का सहारा लेते है। उन्होंने अपनी पुस्तक बुक आॅफ नम्बर में निम्नलिखित सूत्रो का वर्णन किया है। अंको और राशियों का ग्रहों से सीधा संबध हैं जातक की जंम तारीख के आधार पर जातक के शुभ या अशुभ अंको का निर्धारण किया जाता है। 1 से 9 तक के अंक नौ ग्रहों का प्रतिनिधत्व करते हैं। हर ग्रह और राशि एक अंक की प्रतीक है।
अंक व ग्रह तालिका
जंम तारीख अंक वार ग्रह
1, 19, 28 1 रविवार सूर्य
2, 11, 29 2 सोमवार चन्द्र
3, 12, 21 3 गुरूवार गुरूवार
4, 13, 22, 31 4 रविवार हर्शल (डैªगन हेड)
5, 14, 23, 5 बुधवार बुध
6, 15, 24 6 शुक्रवार शुक्र
7, 16, 25 7 सोमवार नेप्चून
8, 17, 26 8 शनिवार शनि
9, 18, 27 9 मंगलवार मंगल
राशियाँ, सौरमास, ग्रह व अंक
कीरो घटनाओं के वर्ष और माह की गणना के लिये सायन सौरमास व उनकी राशियाँ का भी सहारा लेते थे। जिसका वर्णन उन्होने अपनी पुस्तक यू एंड योर स्टार में इस प्रकार से किया है।
अवधि राशि ग्रह अंक तत्व
21 मार्च, 19 अप्रैल मेष मंगल 9 अग्नि
19 अप्रैल, 20 मई वृष शुक्र 6 पृथ्वी
21 मई, 20 जून मिथुन बुध 5 वायु
21जून, 20 जुलाई कर्क चन्द्र 2 जल
21 जुलाई,20 अगस्त सिंह सूर्य 1 अग्नि
21 अगस्त,20सितम्बर कन्या बुध 5 पृथ्वी
21सितम्बर,20 अक्टूबर तुला शुक्र 6 वायु
21अक्टूबर,20 नवम्बर वृश्चिक मंगल 9 जल
21नवम्बर,20 दिसम्बर धनु गुरू 3 अग्नि
21दिसम्बर, 20 जनवरी मकर शनि 8 पृथ्वी
21जनवरी-20 फरवरी कुंभ शनि 8 वायु
19 फरवरी,21 मार्च मीन गुरू 3 जल
4 अंक 1 का नकारात्मक अंक है। दोनों परस्पर मित्र है। 7 अंक 2 का नकारात्मक अंक है। दोनों परस्पर मित्र है।
अंक परस्पर मित्र अंक परस्पर शत्रु अंक
1 4, 8 6, 7
2 7, 9 5, 7
3 5, 6, 9 4, 8
4 1, 8 3, 5
5 3, 9 2 4
6 3, 9 1, 8
7 2, 6 1, 9
8 1, 4 3, 6
9 3, 5, 6, 7
मेष राशि मंगल की पुरूष राशि है। वृश्चिक स्त्री राशि है वृष राशि शुक्र की पुरूष राशि है। तुला स्त्री राशि है मिथुन राशि बुध की पुरूष राशि है। कन्या स्त्री राशि हैै धनु राशि गुरू की पुरूष राशि है। मीन स्त्री राशि है मकर राशि शनि की पुरूष राशि है कंुभ स्त्री राशि है।
प्रत्येक राशि जिस तारीख को प्रारंभ होती है। उससे अगले 7 दिन राशि संधि के होते हैं। इन 7 दिनो के समय पर गत व अगली दोनो राशियों का प्रभाव रहता है। जैसे मेष राशि 21 मार्च को शुरू होती है। तो प्रथम 7 दिन 21 से 27 मार्च तक मीन और मेष दोनो राशियों का प्रभाव रहेगा और उसके पश्चात 28 मार्च से 19 अप्रैल के मध्य मेष पूर्ण रूप से प्रभावी रहेगी। इसी तरह 19 अप्रैल- 26 अप्रैल तक वृष संधि,21 मई- 28 मई मिथुन संधि 21 जून- 28 जून कर्क संधि 21 जुलाई- 28 जुलाई सिंह संधि 21 अगस्त-28 अगस्त कन्या संधि 21 सितम्बर- 28 सितम्बर तुला संधि 21 अक्टूबर- 28 अक्टूबर वृश्चिक संधि 21 नवम्बर-28 नवम्बर धनु संधि 21 दिसम्बर- 28 दिसम्बर मकर संधि 21जनवरी-28 जनवरी कुंभ संधि, 19 फरवरी-26 मार्च मीन संधि होती है।