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बाॅलीवुड की सस्पेंस फिल्में
June 12, 2019 • अवधेश

रहस्य-रोमांच शुरू से ही इंसानों की आकर्षित करते रहे है। अपराध व रहस्यों का काफी पुराना नाता रहा है, सस्पेंस शुरू से ही भारतीय फिल्मकारों का मनपसंदीदा विषय रहा है, हिन्दी फिल्मकारों ने सस्पेंस पर सैकडों़ फिल्में बनाई जानकारों की माने तो बाॅलीवुड की पहली सस्पेंस फिल्म कमाल अमरोही की महल थी अशोक कुमार मधुबाला अभिनीत यह फिल्म घटिया टेकनिक ओर कमजोर फोटोग्राफी के बावजूद कुछ रहस्यमय दृृश्यों व गीत आयेगा आयेगा के कारण हिट हुयी काली बिल्ली, अपने आप नाव चलना झूले से लड़की गायब होना का दृश्य आज भी फिल्मों मे चोरी किये जाते हैं दूसरी फिल्म ब्लैक कैट थी जिसमे एन. ए. अंसारी ने रहस्यमय अपराधी और बलराज साहनी सी.आई.डी. इन्सपेक्टर बने थे। इसके बाद 1962 मे एन ए अंसारी द्वारा निर्देशित की फिल्म टावर हाउस आई 1962 मे ही मशहूर संगीतकार हेमन्त कुमार ने आर्थर काॅनल डायल के नाॅवल दि हाउन्डस आॅफ बिस्किरविल्स पर वहीदा रहमान व विश्वजीत को लेकर बीस साल बाद बनाई अपने डरावने दृश्यों, सदाबहार गीतों औद पर्दे पर खूनी पंजा आने के सीन के कारण फिल्म बेहद हिट हुयी आज भी इसकी टक्कर की दूसरी फिल्म नही बन पाई है। 1963 मे उसी स्टारकाॅस्ट को दुहराते हुये हेमन्त कुमार ने अगली फिल्म कोहरा लांच की जो अल्फ्रेड हिचकाॅक की फिल्म रेबेका पर आधारित एक मर्डर मिस्ट्री थी 1964 मे निर्माता एन एन सिप्पी और राज खोसला निर्देशित मिस्ट्री फिल्म वो कौन थी आई जो अल्फ्रेड हिचकाॅक की फिल्म वर्टिगो पर आधारित थी मनोज कुमार, साधना, प्रेम चोपड़ा से सजी यह डरावनी फिल्म आज भी सस्पैंस फिल्मों मे मील का पत्थर मानी जाती है। इसके गाने नैना बरसे रिमझिम, जो हमने दास्तां, लग जा गले घर-घर गूँजे इसी जोड़ी को लेकर आगे चल राज खोसला ने अगली सस्पेंस फिल्म अनीता और 1967 मे एक अन्य रहस्यमय फिल्म मेरा साया बनाई जिसमे साधना के साथ सुनील दत्त थे 1966 में महमूद की भूत बंगला आई फिर किशोर साहू निर्देशित मनोज कुमार की पूनम की रात, मनोज कुमार आशा पारेख की साजन आई 1967 में ही निर्माता एन.एन. सिप्पी ने मनोज कुमार व कई सितारों को लेकर फिल्म गुमनाम बनाई जो हिट गानों व सात रहस्यमय हत्याओं के लिये खूब मशहूर हुयी 1968 मे नासिर हुसैन की संगीतमय मर्डर मिस्ट्री तीसरी मंजिल आई चुस्त कहानी, संगीत, आशा पारेख व शम्मी कपूर की बेहतरीन अदाकारी से सजी फिल्म हिट रही 1966 मे विश्वजीत माला सिन्हा की जाल व 1967 मे विश्वजीत शर्मिला टैगोर, मुमताज अभिनीत और ब्रज द्वारा निर्देशित फिल्म ये रात फिर ना आयेगी 1970 के बाद तो सस्पेंस फिल्मों की बाढ ही आ गई 1972 मे रामसे ब्रदर्स की दो गज जमीन के नीचे व 1975 मे अंधेरा, 1978 मे और कौन, 1979 मे हवेली, 1981 मे मर्डर मिस्ट्री सबूत व सात खून वाली सन्नाटा आई सभी सफल हीरो हीरोइन सस्पेंस फिल्मों के जादू से बच नही सके 1972 में बिग बी अभिताभ बच्चन नवीन निश्चल की परवाना फिर उनकी बेनाम व मजबूर आई राजेश खन्ना ने राज, दि ट्रेन, रेड रोज, वही भयानक रात में काम किया बी.आर. चोपडा़ ने कानून, धुंध, हमराज, इत्तफाक जैसी सफल सस्पेंस फिल्में बनाई देवानंद आशा पारेख की महल, जितेन्द्र की कारंवा, जैसे को तैसा यें रात फिर ना आयेगी आई हिन्दी फिल्मों के काउब्वाय फिरोज खान ने अंजान है कोई, मैं वही हूँ व कशमकश जैसी सस्पेन्स फिल्मों में काम किया आई किरन कुमार की जंगल मे मंगल, विनोद मेहरा ने 1972 में परदे के पीछे, सनसनी, बीस साल पहले में काम किया विनोद मेहरा 1982 में सन्नाटा व सबूत में भी आये, धमेंन्द्र की कब क्यूँ और कहाँ, पुरानी बाजी, शिकार सफल सस्पेंस फिल्में हैं। 1974 में महेन्द्र सिंधु रीनाराय व राकेश रोशन की गूँज, 1972 में राजकुमार कोहली की मिस्ट्री फिल्म शर्त आई जिसमे एक ही लड़की का कई बार मर्डर होता है इसमे मुमताज, संजय ने काम किया था शत्रुहन सिंहा ने 1970 में खोज आगे अब क्या होगा 1975, कशमकश शैतान में काम किया उन्ही दिनों एक मर्डर मिस्ट्री विक्रम, प्रेमा नारायन व प्रेम चोपड़ा की जब अंधेरा होता भी आई नवीन निश्चल की परवाना, मै वो नहीं, बुढढा मिल गया और रणधीर कपूर, रेखा, प्रेमनाथ की दफा 302, देव मुखर्जी की हैवान ऋषि कपूर की खेल खेल में आई ,ष्शशि कपूर रेखा, डैनी की काली घटा व शशि कपूर शर्मिला अभिनीत आमने सामने आई विनोद खन्ना योगिता बाली की मेमसाब आगे चल कर उनकी कैद, हम तुम और वोह आई राज बब्बर की राज, एतबार आई, मिथुन की कौन कैसे, 1985 में अमोल पालेकर, नसीरूददीन शाह, पंकज कपूर की मर्डर मिस्ट्री खामोश आई संजीव कुमार ने कातिल, सुराग फिल्मों में काम किया जावेद खान दीपिका की रात के अंधेरे मे व खूनी रात राजकुमार नसीरूददीन शाह की पुलिस पब्लिक, ऋषि कपूर की नसीरूददीन शाह, किमी काटकर व डैनी की खोज आई, गोविंदा की हत्या, बाबी दयोल व काजोल की गुप्त, 2001 में विक्रम भटट की कसूर, 2003 मे धुंध दि फोग मे फिर जहर आगे बाबी द्योल लारा दत्ता की नकाब आॅफताब शिवदासानी की मुस्कान, राकेश बापत की रांग नम्बर, शाहिद कपूर करिश्मा कपूर 36 चायना टाउन, करिश्मा कपूर की बाज, डेंजरस ईश्क आई अन्य उल्लेखनीय फिल्मों में डिनो मारिया की (नई) गुमनाम व शी शी ईई ई ई, अनामिका (नई), जैकी श्राफ, माधुरी दीक्षित की 100 डेज़, सुष्मिता सेन जैकी श्राफ की समय, मनोज बाजपेई ईशा कोपिक्कर की इंतकाम (नई), मनोज बाजर्पई व उर्मिला अभिनीत रामगोपाल वर्मा की कौन, सैफ अली खान, उर्मिला की एक हसीना थी, डायल 100, भयानक ए मर्डर मिस्ट्री, श्रेयस तलपड़े की क्ल्कि, स्टेंजर ए लव स्टोरी, शिल्पा शेट्टी, राखी सावंत की खामोशः खौफ की रात, एम 3, कोई है एकता कपूर निर्देशित कुछ तो है। शर्लिन चोपड़ा की रेड स्वास्तिक, प्रियंका चांेपडा़ की सात खून माफ आई अंय सस्पेंस फिल्मों में अचानक, शिकार नई, 36 एन्टाॅप हिल, गहरी चाल 2013, क्या कोई हैं। जिमी शेरगिल, के के रैना, स्ट्रेन्जर, स्टोनमैन, रूम, पिज्जा, कोंकणा सेन शर्मा की रोशन विला, उस दिशा में, अनंत महादेवन व हिमेश रेशमिया की एक्सपोज, इरफान की तलवार आदि। रहस्य रोमांच पर फिल्में बनती आई है और बनती रहेंगी कुछ फिल्मों इतिहास मे अपनी छाप छोड़ जायेगीं और कुछ गुमनामी के अंधेरे मे खोज जायेंगीं आने वाली खोजी, बुद्धिमान, आधुनिक टेकनाॅजी से लैस पीढी इस विषय पर अच्छी, रोचक व बेहतरीन फिल्में बनायेगी।