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भारत को एक धागे में पिरोता राष्ट्रवाद की झलक दिखाई दी
August 19, 2019 • संदीप कुमार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतत्व में केन्द्र सरकार निरन्तर देश में आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक, स्वास्थ्य, शैक्षिक, पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सुधार और कुछ नया करने के लिए प्रयत्नशील है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया कि हम समस्याओं को न टालते हैं, न पालते है। 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के प्राचीर से उनके बुलन्द हौसले की तस्वीर स्पष्ट झलक दिखाई दी। अनुच्छेद 370 और 35-ए को निरस्त करने का हो या पूरे भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और नेशनल मोबिलिटी कार्ड को लागू करना हो या ट्रिपल तलाक का अंत कर मुसलमान महिलाओं को अन्य धर्म की महिलाओं के साथ बराबरी पर लाने के लक्ष्य को पूरा करने की बात हो, लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे भारत को एक धागे में पिरोता राष्ट्रवाद से प्रभावित भाषण दिया। प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों के सामने नई चुनौतियों का उल्लेख किया, विशेषकर उन्होंने आतंकवाद की चुनौती का बात कही। आर्थिक प्रबंधन की बात की और विकास पर जोर देते हुए कहा कि इसी के बल पर सामाजिक समता प्राप्त की जा सकती है। गरीबों के सशक्तिकरण की दिशा में योगदान के लिए किए गए सभी उपायों जिसमें वित्तीय समावेशी योजनाएं, टाॅयलेट के निर्माण, बिजली, पानी और अन्य कदमों के प्रावधानों की बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100 लाख करोड़ रूपये आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगाए जाने की बात भी की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोशिश की जानी चाहिए कि भारत 2022 से पहले ही सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त देश बन जाए। प्रधानमंत्री ने जनसंख्या विस्फोट पर चिंता व्यक्त की। छोटे परिवार पर भी चर्चा की। भविष्य में परिवार नियोजन भी स्वच्छ भारत जैसा अभियान चलाने की ओर संकेत दे दिया। प्रधानमंत्री ने उम्मीदों का हवाला देते हुए कहा, खास कर युवाओं और उनकी महत्वाकांक्षाओं के बढ़ने की बात की, उन्होंने कहा कि भारतीयों की महत्वाकांक्षाएं बहुत बढ़ गई हैं और उनकी सरकार से बहुत अधिक उम्मीद की जा रही हैं जो बेकार नहीं जाएंगी। जिस तरह से प्रधानमंत्री की कार्यशैली उसको देखते हुए तो यही कयास लगया जा रहा की निकट भविष्य में उनके कद के पास फिलहाल भारत में अभी विपक्ष के पास कोई नेता नहीं है। पहले व्यक्ति पार्टी के नाम से जाना जाता है, लेकिन अब पहले नरेन्द्र मोदी का नाम आता है, उसके बाद में भारतीय जनता पार्टी का नाम आता है। निसंदेह कहा जा सकता है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी कार्यशैली से भारत की जनता के दिल में स्थान बनाने के लिए प्रयासरत हैं।