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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का शुभारम्भ
October 25, 2019 • समाचार

प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोक भवन सभागार में प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का सीधा सजीव प्रसारण दूरदर्शन टीवी, एलईडी वैन के माध्यम से फिरोजगांधी डिग्री कालेज के आडिटोरियम व प्रांगढ़ में जनपद की जिलाधिकारी नेहा शर्मा, एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार, उन्नाव के सीडीओ डाॅ0 राजेश कुमार प्रजापति व उनकी पत्नी श्रेया व एडीएम ई राम अभिलाष, नगर मजिस्ट्रेट युगराज सिंह, सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार, बीएसए पीएन सिंह, डीआईओएस, डीपीओ सीवीओ सहित सैकड़ों जनपद के विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं व मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लाभार्थियों के साथ ही जनपद के बुद्धिजीवियों, छात्राएं द्वारा सजीव प्रसारण को देखा गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा, महिला एवं भारत सरकार की बाल विकास कपड़ा मंत्रालय की मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी, महिला कल्याण एवं पुष्टाहार राज्य मंत्री स्वाती सिंह आदि गणमान्यजनों का सीधा प्रसारण सुना। अधिवक्तागण, नागरिक, ग्रामीण जनता, बुद्धिजीवियों अन्य कर्मचारियों ने भी एलईडी वैन के माध्यम से प्रसारण सुनकर अपने विचार व्यक्त किये। 
 प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियां घर की शान है उनकी शिक्षा और उनके स्वास्थ्य व उनके मंगलमय उज्ज्वल भविष्य उज्ज्वल करने के लिए सरकार द्वारा कन्या सुमंगला योजना का शुभारभ किया जा रहा है। जिसे आज सभी जनपदों में भी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का शुभारम्भ किया जा रहा है। शुभारम्भ के अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने अर्शिवाद स्नेह प्रदान करते हुए कहा कि यह योजना सब के लिए सुमंगल साबित हो। फिरोज गाधी डिग्री कालेज के आडिटोरियम में जिलाधिकारी नेहा शर्मा, एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर जनपद में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का शुभारम्भ करने के साथ ही 57 कन्या सुमंगला योजना की पात्र लाभार्थियों व 30 से अधिक मेधावी छात्राओं को प्रमाण पत्र/स्वीकृति पत्र देकर सम्मानित किया। 
 जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस योजना का अधिक से अधिक लाभ कन्याओं व परिजनों में मिले इसके लिए पूर्व में कार्यान्वयन के सम्बन्ध में समस्त उप.िजलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारियांे को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। योजना के अनिवार्य पात्रता के लिए लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का पूर्ण निवासी हो, लाभार्थी की पारिवारिक आय अधिकतम रू0- 3 लाख हो, परिवार की अधिकतम 02 बालिकाओं को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, लाभार्थी के परिवार में अधिकतम 02 बच्चें हो, यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से 2 जुड़वा बालिकायें ही होती है, केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ मिल सकेगा। यदि किसी ने अनाथ बालिका को गोद लिया है तो उसकी जैविक संतान तथा गोद ली गयी संतान को सम्मिलित करते हुए अधिकतम 02 बालिकाओं को लाभ मिल सकेगा। अभिलेख में बैंक पासबुक, आधार कार्ड की छायाप्रति परिवार की वार्षिक आय के सम्बन्ध में स्व0-सत्यापन, बालिका की फोटो, आवेदक व बालिका का नवीनतम संयुक्त फोटो अभिलेख आवेदन हेतु आवश्य हो। लाभार्थी को धनराशि का श्रेणीवार वितरण प्रथम श्रेणी- बालिका के जन्म होने के उपरांत रू0 2000 एक मुश्त, द्वितीय श्रेणी- बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरांत रू0 1000 एक मुश्त, तृतीय श्रेणी- कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरांत रू0 2000 एक मुश्त, चतुर्थ श्रेणी- कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरांत रू0 3000 एक मुश्त एवं षष्टम श्रेणी- स्नातक अथवा 02 वर्षीय अवधि के  डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के उपरांत रू0 5000 एक मुश्त। प्रथम श्रेणी के अंतर्गत नवजात बालिका जिसका जन्म 01.04.2019 या उसके पश्चात हुआ है। जिलाधिकारी ने बताया कि योजना क्रियान्वयन के स्तर में द्वितीय श्रेणी के अंर्तगत वह बालिका जिनका 01 वर्ष के अंदर सम्पूर्ण टीकाकरण हो चुका हो तथा उसका जन्म 01.01.18 से पूर्व न हुआ हो, तृतीय श्रेणी के अंर्तगत वह बालिकायें जिन्होनें चालू शैक्षणिक सत्र में प्रथम कक्षा में प्रवेश लिया हो, चतुर्थ श्रेणी के अंर्तगत वह बालिकायें जिन्होनें चालू शैक्षणिक सत्र में छः कक्षा में प्रवेश लिया हो, पंचम श्रेणी के अंर्तगत वह बालिकायें जिन्होनें चालू शैक्षणिक सत्र में नौ कक्षा में प्रवेश लिया हो, षष्टम श्रेणी के अंर्तगत वह बालिकायें जिन्होनें चालू शैक्षणिक सत्र में स्नातक अथवा 02 वर्षीय अवधि के डिप्लोमा केार्स में प्रवेश लिया हो। आॅन लाइन आवेदन हेतु आवेदन पत्र विभागीय पोर्टल से तथा आॅफ लाइन आवेदन पत्र जिला प्रोबेशन कार्यालय विकास भवन, रायबरेली अथवा विकास खण्ड, उप जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर भरकर जमा किया जा सकता है। लाभार्थी को देय धनराशि पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से उसके बैंक खाते में हस्तांतरित की जायेगी। उन्होंने महिला ग्राम प्रधानों से कहा कि सोशल सेक्टरों से जुड़ी कन्या सुमंगला योजना बच्चियों के जन्म से आगे की शिक्षा तक सरकार की एक लाभ परक योजनाओं में से एक है। जिसका शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को लाभान्वित करने में आगे आये।
 जनपद के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह व विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश की बेटियों के भविष्य को उज्ज्वल व सशक्त करने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। जिसमें पात्र जन इस योजना का अधिक से अधिक लाभ ले। आॅन लाईन आवेदन, काॅमन सर्विस केन्द्रों/साइबर कैफे/स्वयं के स्मार्टफोन या कम्प्यूटर आदि के माध्यम से इस योजना का लाभ उठा सकते है।
 इस मौके पर छात्राओं द्वारा सांस्कृति कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति भी की। छात्र-छात्राओं व अभिभावक द्वारा सूचना विभाग की एलईडी वैन के माध्यम से मुख्यमंत्री सुमंगला योजना का सजीव प्रसारण देकर गद्द हुए साथ में विकास एवं सुशासन के 30 माह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास नाम पुस्तिका भी प्राप्त की।