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मृत्यु ज्ञान के विशेष नियम
July 6, 2019 • डी.एस. परिहार

प्रश्नमार्ग में त्रिस्फुट साधन का वर्णन है। लग्न, व चन्द्र व गुलिक स्पष्ठों के योग को त्रिस्फुट कहते है। सूर्य स्पष्ठ, चन्द्र स्पष्ठ और गुलिक स्पष्ठ को जोड़ो जो राशि अंश आयें वही त्रिस्फुट होगा।
1. त्रिस्फुट जिस राशि मे हो जब सूर्य गोचर करे वो मृत्यु मास होगा तथा त्रिस्फुट की राशि मे जब चन्द्र गोचर करे उस तिथी मे जातक की मृत्यु होगी।
2. शनि का मारक गोचर- शनि और अष्ठमेश की नवांश राशि से त्रिकोण मे शनि का गोचर मृत्यु काल बतायेगा।
3. जंमस्थ सूर्य से 2, 5, 9, व 12 भावों मे शनि गोचर मृत्यु काल बताये।
4. लग्न से 22व वें देष्काण या 64 वें नवांश की राशि पर शनि का गोचर मृत्यु का समय बतायेगे।
गुरू गोंचर द्वारा मृत्यु का ज्ञान:-
1. लग्न के देष्काण का स्वामी जिस राशि मे हो उस राशि पर गुरू का गोचर मृत्यु का वर्ष बतायेगा।
2. लग्नेश व अष्ठमेश के राशि अंशों को जोंड़ो जो राशि अंश आयें और कोई पापग्रह वहाँ हो तो उस पर गुरू का गोचर मृत्यु देगा।
3.जंमस्थ षनि से 3. 5. 6 व 11 वें भाव पर जिस भाव पर गुरू की दृष्टि ना हो उस भाव पर गुरू का गोचर मृत्यु देगा
4.सूर्य का गोचर:- अष्ठमेश गत राशि पर या उससे त्रिकोण मे सूर्य गोचर माह मृत्यु देगा जंम नक्षत्र या चन्द्र नक्षत्र पर सूर्य गोचर ंजातक की मृत्यु देगा।
जंमस्थ सूर्य चर राशि मे हो तो सूर्य की द्वादशंाश राशि से त्रिकोण राशि मे सूर्य गोचर मृत्यु माह बतायेगा यदि सूर्य स्थिर राषि मे हो तो अष्ठमेश की नवांश राशि स्वामी ग्रह लग्नचक्र से जिस राषि मे हो उससे त्रिकोण राषि मे सूर्य गोचर मृत्यु माह बतायेगा यदि सूर्य द्विस्वभाव राशि मे हो तो लग्नेश की नवांश राशि से त्रिकोण राषि मे सूर्य गोचर मृत्यु माह बतायेगा।
चन्द्रमा का मारक गोचर:- सूर्य गत राशि या उससे त्रिकोण राशि पर या अष्ठमेश गत राशि या उससे त्रिकोण राशि पर या राहू जिस नक्षत्र मे हो उससे त्रिकोण नक्षत्र पर या अष्ठमेश गत नक्षत्र में चन्द्रमा का गोचर मृत्यु तिथी या नक्षत्र बतायेगा।
जंमस्थ गुलिक की राशि से 7 वी राशि पर चन्द्रमा का गोचर मृत्यु राशि बतायेगा धनेश की राशि या उससे त्रिकोण राशि पर या धनेश की राशि से 7 वी राशि पर चन्द्रमा का गोचर मृत्यु राशि बतायेगा।
या धनेश की नवांश राशि पर चन्द्रमा का गोचर मृत्यु राशि बतायेगा जंमस्थ गुलिक की राशि मंे 180 अंष जोड़ो जो राशि अंश प्राप्त हो यह प्रमाण गुलिक कहलाता है। उस राशि स्वामी ग्रह गत राशि से शनि गोचर मृत्यृ काल उस ग्रह की नवंाश राशि स्वामी ग्रह जमांक में जिस राशि मे उससे गुरू का गोचर मृत्यु काल बतायेगा प्रमाण गुलिक के राशि स्वामी ग्रह की द्वादशंाश राशि से त्रिकोण राशि मे सूर्य गोचर मृत्यु माह बतायेगा इस गुलिकेश की त्रिषंाश राशि स्वामी की जमांक राषि से से चन्द्रमा का गोचर मृत्यु राशि बतायेगा।
4. चन्द्र, सूर्य, गुरू व शनि के अपने अष्ठकवर्ग में न्यूनतम बिंदू वाली राशियों में मृत्यु होगी शनि के अपने अष्ठकवर्ग में न्यूनतम बिंदू वाली राशियों मंे शनि का गोचर मृत्यु काल बतायेगा गुरू के अपने अष्ठकवर्ग में न्यूनतम बिंदू वाली राशियों मंे गुरू का गोचर मृत्यु काल बतायेगा सूर्य के अपने अष्ठकवर्ग में न्यूनतम बिंदू वाली राशियों मंे सूर्य का गोचर मृत्यु काल बतायेगा चन्द्रमा के अपने अष्ठकवर्ग में न्यूनतम बिंदू वाली राशियों मंे चन्द्रमा का गोचर मृत्यु काल बतायेगा
5. शनि गत राशि या शनि जिस राशि के देष्काण मे जाये वो राशीश या शनि की नवांष राशि का स्वामी या शनि की द्वादशंाश राषि का स्वामी जमांक मे जिस राशि पर हो उससे 7 वीं राशि या उससे त्रिकोण राशि मे सूर्य, चन्द्रमा गुरू, षनि का गोचर मृत्यु काल बतायेगा।
6. शनि, सूर्य, गुरू व चन्द्र के राशि अंशों को जोड़ो प्राप्त राशि अंशों पर या योगफल की नवांश राशि पर सूर्य, चन्द्रमा गुरू, शनि का गोचर मृत्यु काल बतायेगा।
मृत्यु लग्न का ज्ञान:-
1. लग्न या नवांश लग्न से अष्ठम राशि या लग्नेश या अष्ठमेश गत राशि जातक की मृत्यु लग्न होगी।
2. लग्नेश गत राशि से चैथी राषि या नवांष लग्न की राशि मृत्यु लग्न होगी।
3. जैमिनी मतानुसार अरूधा लग्न से त्रिकोण राशि मृत्यु लग्न होगी।