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सीडीओ, डीएफओ, एसडीएम, बीडीओ, जनपद स्तरीय अधिकारियों से बेहतर सामंजस्य बनाकर वृक्षारोपण अभियान को गति दें
June 14, 2019 • - संवाददाता

जिलाधिकारी रायबरेली, नेहा शर्मा ने निर्देश दिये है कि 22 करोड़ वृक्षारोपण महाकुम्भ वर्ष 2019 लक्ष्य एवं क्रियान्वयन के तहत जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिवरों के माध्यम से जनपद में 2565110 वृक्षारोपण किया जाना है। जिसमें ग्राम्य विकास विभाग द्वारा 1681300 पौधे सहित शेष अन्य विभागों को किया जाना है। जिसकी रणनीति जिला वृक्षारोपण समिति व सभी विभाग बेहतर तरीके से बनाकर जियोटैगिंग की कार्यवाही कराया जाना शुरू करवा दिया जाये। जनपद में जुलाई व वर्षा के समय मंे अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर शासन के निर्देशों का कडाई से अनुपालन करें तथा परस्पर बैठ कर सामंजस्य बनाकर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वृक्षारोपण तैयारी के लिए कार्ययोजना बनाकर डीएफओ कार्यालय में देने के साथ ही उसी तैयारियां भी करें। जिलाधिकारी ने डीएफओ तुलसीदास शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व डा0 राजेश कुमार प्रजापति, डीडीओ ए0के0 वैश्य, पीडी0 प्रेमचन्द्र, डी0सी0 मनरेगा पवन कुमार सिंह, समस्त खण्ड विकास अधिकारी समस्त एसडीएम सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अधिकारियों को साथ बेहतर सामंजस्य बनाकर जुलाई 2019 के आवंटित रोपण लक्ष्य की प्राप्ति हेतु बेहतर रणनीति की तैयार कर शीघ्रताशीघ्र रिपोर्ट प्रत्येक दशा में दे दे। राष्ट्रीय वन नीति व उ0प्र0 वन नीति के अनुसार देश के प्रत्येक राज्य में 33 प्रतिशत भू-भाग पर वनों का विकास और हरितिमा आच्छादन किए जाने का लक्ष्य को प्राप्त करने के सम्बन्ध में अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना जरूरी है। प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 9.18 प्रतिशत क्षेत्र वनावरण एवं वृक्षारोपण से आच्छादित है। एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य के वृक्षावरण तथा वनावरण में समेकित रूप से कुल वृद्धि 676 वर्ग किमी0 (वनावरण में 278 वग कि0मी0 एवं वृक्षावरण में 398 वर्ग कि0मी0 क्षेत्रफल वृद्धि) हुई है। इस वृद्धि का मुख्य कारण सरकार द्वारा सफल वृक्षारोपण गतिविधियां तथा संरक्षण हेतु किये गये प्रयास है। वृक्षारोपण किया जाना एक निरन्तर प्रक्रिया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर फिरोजगाधी डिग्री कालेज के आडिटोरियम में मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार एवं डीएफओं ने अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण/कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षित दिलाते हुए कहा कि वे संघन वृक्षारोपण के लिए दिये जा रहे प्रशिक्षण को भली-भांति लेने के साथ ही अधिक से अधिक छायादार फलदार वृक्षो के रोपण के साथ ही पीपल, बरगद, पाकड़ को भी अधिक लगाये क्योकि यह वृक्षों अधिक आक्सीजन उसर्जित करते है। उन्होंने कहा कि जनपद में कुल 2565110 पौधरोपण का लक्ष्य है जिसमें ग्राम्य विकास विभाग 1681300, राजस्व 168130, पंचायती 168130 आवास विकास प्रधिकरण 7680, उद्योग 14386, नगर पालिका व पंचायत 28280, पीडब्ल्यूडी 28714, सिचाई विभाग 26600, रेशम विभाग, 5308, कृषि 53901, पशुपालन, 6650, सहकारिता 6700, उद्योग 9086, विद्युत 5320, डीआईओएस 79514, बीएसए 67252, प्राविधिक शिक्षा 12262, श्रम 3567, स्वास्थ्य 10649, परिवहन, 3680, रेलवे 6652, रक्षा 4630, उद्यान 168116 एवं पुलिस 7680 विभागों द्वारा वृक्षारोपण का लक्ष्य है। मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि सभी उपजिलाधिकारी समय सारिणी के अनुसार सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा चिन्हित किए गए पौधरोपण स्थलों व गढ्ढों को तैयार करा ले तथा इसकी जीपीएस मैपिंग के अनुसार कार्यवाही शुरू करें।
डीएफओ तुलसीदास शर्मा ने बताया कि शासन जी.पी.एस,/जियोटैगिंग रीडिंग के संबंध में कोई दिक्कत हो इसके लिए वे डीएफओ कार्यालय से सम्पर्क कर सकते है। वृक्षारोपण के लिए आवश्यक है पूर्व में स्थान का चिन्हांकन, मृदा की प्रकृति के अनुसार गड्डों का खुदान किया जाना तथा गड्ढों के आकार आदि को निर्धारित माप में खोदना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गड्ढों की स्पेसिंग, आकार का जो निर्धारित मापन है उसी के अनुसार होना चाहिए। इसी प्रकार ऊसर भूमि की स्पेसिंग की भी मापन निर्धारित है। उन्होंने जुलाई 2019 के आवंटित पौधरोपण लक्ष्य की प्राप्ति हेतु रणनीति को विस्तार से विभिन्न विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। सभी अधिकारी प्रशिक्षण बेहतर तरीके से लें। कार्ययोजना निर्धारित समय में भेजे ताकि बेहतर माइक्रो प्लान तैयार हो सके। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वृक्षारोपण कार्यक्रम के सम्पादन हेतु उत्तरदायी अधिकारियों के लिए कार्यो हेतु जो टाइमलाइन निर्धारित की जायेगी उसी के अनुसार कार्य किया जायेगा।
इस मौके पर एडी सूचना प्रमोद कुमार, एसडीओ एमएस यादव व बीएम शुक्ला, समस्त बीडीओ, एडीओ व जनपदस्तरीय विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।