ALL News Religion Views Health Astrology Tourism Story Celebration Film/Sport Vedio
अज्ञात तकनीकी भविष्यवाणी का प्रयोग
December 5, 2019 • डी.एस. परिहार

नाड़ी ग्रन्थों मे पराम्परागत ज्योतिष से अलग कुछ अज्ञात तकनीकी भविष्यवाणी का प्रयोग भी किया जाता है जिनके परिणाम सौ फीसदी सटीक और आश्चर्यजनक होते है मेरे विभिन्न नाड़ी ग्रन्थों के अध्ययन मे कई ऐसी टेकनिक्स सामने आई है। जो गुप्त और एकदम सही फल बताने वाली है। ऐसी ही एक टेकनिक मुझे भृगु नन्दी नाड़ी मे मिली। दो या अधिक ग्रह योगों पर से तीसरे ग्रह का गोचर जो एक राशिचक्र का एक बेहद अति महत्वपूर्ण संवेदनशील बिन्दु बनाता है। और जीवन की अति विशेष घटना के समय को बताता है
1. बुघ केतु शुक्र युति- से राहू का गोचर 29 या 30 वर्ष मे छोटे भाई या बहन से संपत्ति का विवाद होगा।
2. गुरू, मंगल, राहू युति से गुरू का गोचर 24/25 वर्ष मे जीवन मे खतरा या संकट आये।
3. बुघ शुक्र, राहू युति से राहू का गोचर एक भाई 19 या 37 वर्श मे कष्ट भोगे।
4. बुघ राहू योग से शनि का गोचर जातक के पास एक पुरानी विवादित भूमि या संपत्ति होगी। शनि के गोचर मे उस पर मार्केट काम्पलैक्स बनेगा।
5. गुरू, शुक्र राहू योग से या उससे 7 वें राहू का गोचर 37 या 45 वर्ष मे दुर्भाग्य, खतरा आये।
6. सूर्य, शुक्र राहू योग से राहू का गोचर 36 या 54 वर्ष मे दुर्भाग्य, खतरा आये।
7. बुघ, शुक्र, राहू योग से राहू का गोचर 36 या 37 वर्ष मे पत्नी को खतरा आये।
8. गुरू, चन्द्र, राहू पत्नी भय की रोगी, राहू का चन्द्र से गोचर दिमागी रोग होगा।
9. शु़़क्र, चन्द्र, राहू पत्नी भय की राहू का चन्द्र से गोचर दिमागी रोेग होगा।
10.शुक्र, चद्र राहू युति से राहू का गोचर 2, 19, 20, वर्ष मे माता को सम्मान के साथ दुर्भाग्य प्राप्त होगा।
11.सूर्य, बुध राहू योग मे राहू का सूर्य या उससे 7 वें गोचर 18 व 30 वर्ष मे पिता को रोग, खतरा, अपमान, दुर्भाग्य व राजभय हो।
12.सूर्य, गुरू, राहू योग मे राहू का सूर्य या उससे 7 वें गोचर, 18, 19, 27 वर्ष मे पिता को पिता को रोग, अपमान, व राजभय हो।
13.स्त्री जातक मे सूर्य, शुक्र, षनि योग मे शुक्र से 11 वें षनि का गोचर 26 वर्ष मे महिला को वैभवपूर्ण जीवन प्राप्त हो।
14.शनि, चन्द्र, राहू योग मे चन्द्रमा से चतुर्थ, 7 वें भाव मे शनि का गोचर 24, 30, 37 वर्ष मे वैवाहिक जीवन मे कलह, रोगादि कष्ट और 30, 37, 43 वर्श मे आपरेशन योग हो।
15.बुध, मंगल राहू योग से 7 वें भाव मे राहू का गोचर 45 व 46 वर्ष मे पति का देवर से झगड़ा होगा।
16.शनि, शु़क्र, मंगल योग से केतु का गोचर तलाक देगा।
17.शनि शु़क्र गुरू योग मे शुक्र से 1, 4. 7,11, वें गुरू का गोचर धनलाभ देगा।
18.शनि, शु़क्र, गुरू योग मे शनि से गुरू का गोचर 30, 60 वर्श मे धनलाभ उच्चपद देगा।
19.गुरू चन्द्र योग मे हर 12 वर्ष मे लंबी यात्रा हो।
20.गुरू, सूर्य, राहू युति से 4, 5 भाव में गुरू गोचर।
17,28वें वर्ष मे खतरा होगा। 
21.चन्द्र, मंगल, केतु योग मे चन्द्र से 10 वें भाव पर केतु गोचर पारिवारिक झगड़े, कलह, तनाव चन्द्र से द्वितीय भाव पर गोचर चन्द्र ये तृतीय भाव पर केतु का गोचर उपरोक्त फल देगा।
22.मंगल, बुध, शु़क्र योग से चतुर्थ भाव पर षु़क्र गोचर या तंगल से चैथे भाव पर षुक्र का गोचर 28 या 7 वें षुक्र का गोचर 42 वर्श मे संपत्ति, मकान व धन का लाभ दे।
23.मंगल, गुरू, चन्द्र योग मे चन्द्र से 7 वें भाव पर गुरू गोचर 23 वर्ष मे निवास परिवर्तन हो या चन्द्र से 11 वें भाव पर गुरू गोचर स्थानान्तरण हो।
24.मंगल, राहू, गुरू योग मे राहू से गुरू गोचर 2 रोग या खतरा, वर्ष मे निवास परिवर्तन हो मंगल ये राहू गोचर दुर्घटना, आपरेशन का खतरा, गुरू से 8 वें गुरू गोचर 8 वें वर्ष मे खतरा होगा।
26.मंगल, बुध, शनि योग मे मंगल से 11 वें गुरू गोचर 27 या 28 वर्ष मे भाई से झगड़ा होगा।
25.शनि, शुक्र, राहू योग मे राहू से शनि गोचर 32, 38, 58 वर्ष मे अवैध धन लाभ का मिले।
27.शनि, शुक्र, गुरू योग मे गुरू से शनि गोचर 30 वर्श मे उच्च पद मिले। चैथे गुरू गोचर 28 वर्श में तथा 8 वें गुरू गोचर 20, 32, 44 वर्ष मे तथा 12 वें गुरू गोचर 35 वर्ष मे समृद्धि प्राप्त होगी।
28.शनि, बुध, केतु योग मे बुध से शनि गोचर 30 वर्ष मे व तृतीय भाव मे शनि गोचर भूमि विवाद हो।