ALL News Religion Views Health Astrology Tourism Story Celebration Film/Sport Vedio
बाल संरक्षण गृह केन्द्र का निरीक्षण
November 14, 2019 • समाचार

उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डा. शुचिता चतुर्वेदी ने बचत भवन, रायबरेली के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए बाल अधिकार संरक्षण के सम्बन्ध में सरकार द्वारा विद्यालयों आंगनबाड़ी केन्द्रों आदि में दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि मिड-डे-मील और बच्चों दी जा रही पोषण सम्बन्धी सामग्री का वितरण नियमों के अनुकूल किया जाये। मिड-डे-मील का वितरण निर्धारित मैन्यू के अनुसार गुणवत्ता पूर्वक दिया जाये। उन्होंने कहा कि कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को पोषित आहार देकर उनको सामान्य श्रेणी के बच्चों की श्रेणी में लाया जाये। उन्हांेने श्रमिक बच्चों के सम्बन्ध में श्रम विभाग के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा समस्त विभागीय अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश भी दिये। एडीएम ई राम अभिलाष व एएसपी नित्यादनन्द राय ने भी बाल संरक्षण गृह केन्द्र की निरीक्षण तथा जांच की रिपोर्ट आदि कार्यवाही की जानकारी बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य को दी।
 बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डा0 शुचिता चतुर्वेदी इससे पूर्व गांधी सेवा निकेतन बाल संरक्षण गृह केन्द्र जाकर बाल संरक्षण गृह केन्द्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने पाया कि संस्था द्वारा बच्चों की परवरिश ठीक से नही की जा रही थी। बाल संरक्षण गृह केन्द्र में अनाथ, बेसहारा, असाहाय की देख भाल की जाती है तथा इनका पालन पोषण संजीदगी के साथ किया जाता है। अभिलेख का रख रखाओं व खाने पीने की व्यवस्थाओं में कमी पाई गई। उन्होंने कहा कि ऐसे गृह बन्द हो जाने चाहिए। प्रदेश सरकार बच्चों के प्रति संजीदगी के साथ कार्य कर रही है ऐसे में बाल संरक्षण गृह केन्द्र द्वारा बच्चों के प्रति व उनका पोषण ठीक से नही कर रही है। पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट बाल अधिकार संरक्षण आयोग को प्रेषित की जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बाल अधिकार संरक्षण गृह में बच्चों के कौशल विकास की भी व्यवस्था है परन्तु जनपद का बाल संरक्षण गृह केन्द्र संवेदनशील नही हैं। बच्चों को मासिक तौर से विक्लांग की किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान भोजन में दाल चावल आदि की व्यवस्थाओं में कमी पाई गई। उन्होंने निर्देश दिये कि बाल संरक्षण गृह केन्द्रों में मापदण्ड पूरा किया जाये जो मापदण्ड नही पूरा कर रहे हैं। उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। 
 बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डा. शुचिता चतुर्वेदी ने चकधौरहरा के प्रा0वि0 व आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर कर व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश दिये। पुलिस लाईन आंगनबाड़ी केन्द्र पर 65 बच्चों में एक शिक्षिका थी शिक्षकों की कमी सरकार पूरा करने के प्रयास कर रही है बीएड और बीटीसी से बच्चों का प्रशिक्षण के लिए तैयार कराया जायेगा।
 इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन राम अभिलाष, अपर पुलिस अधीक्षक नित्यादनन्द राय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 शरद कुमार वर्मा, एडी सूचना प्रमोद कुमार, डीपीओ सुनिता देवी, बीएसए पीएन सिंह, डीपीओ शरद त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी रामचन्द्र दुबे सहित बड़ी संख्या जनपदस्तरीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य द्वारा एक प्रेसवार्ता का भी आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में प्रिंट/इलेक्ट्रानिक्स मीडिया के पत्रकार बन्धु उपस्थित थे।