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दुर्घटना से बचाव
November 23, 2019 • पं. के.के. तिवारी

जमांक के प्रथम, छठे, आठवें व 12 वें भाव से तथा राहू केतु शनि मंगल से दुर्घटना का अध्ययन किया जाता हें ज्योतिष दुर्घटना का समय बताता है। यदि जमांक मे मंगल या राहू सूर्य व गुरू की युति हो दुर्घटना अवष्य होती है। तीसरे और चैथे भाव का अष्ठम से संबध वाहन द्वारा दुर्घटना बताता है। अग्नि तत्व की राषियां वाहन, विद्युत, अग्नि या विस्फोट से दुर्घटना देती है। वायु तत्व की राषियां वाहन, वायु दुर्घटना, पृथ्वी तत्व की राशियाँ उँचाई से गिरकर, या गढ्ढे मे दबकर या भूकंप से दुर्घटना देती है। जल तत्व की राषियां डूब कर,, नाव या जहाज, गलत दवा के सेवन से दुर्घटना, उँचाई से गिरकर, या गढ्ढे मे दब कर या भूकंप से दुर्घटना देती है।
1. घोड़े से गिरकर मौत- मीन लग्न मे केतु,  सिंह मे चन्द्र शुक्र, कन्या मे राहू, तुला मे सूर्य मंगल, वृष्चिक मेष गुरू व बुध, धनु मे शनि। लग्नस्थ केतु पर अष्ठमस्थ गुरू की दृष्टि, चन्द्र से 8 वां भाव व अष्ठमेष दोनो पापग्रस्त है। शनि पषु है। धनु राषि घोड़ा है। 
2. वाहन से गिरी:- जातिका 11 अक्टूबर 1959। 12.25 दोपहर, कानपुर धनु लग्न मे शनि 8अंश , मकर मे चन्द्र 21अंश, मीन मे केतु 11अंश, सिंह मे शुक्र 13अंश, कन्या मे सूर्य 24अंश, मंगल 29अंश, राहू 11अंश, तुला मे बुध 9.55अंश, वृष्चिक मे गुरू 8 अंष। महिला राजाधिकारी 1 नवम्बर 1976 मे महिला चलती बस से गिर पड़ी राहू/षनि दषा मे सिर मे गंभीर चोट जातिका छह महीने अस्पताल मे रही आजीवन कंुआरी रही। दुर्घटना कारक अष्ठमेश मंगल व द्वादेश सूर्य की राहू से युति दुर्घटना दे रही है।
3. छत से गिरा चार्टेड एकाउंटेंट- 25 मई 1949। शाम-6.02 मिनट। अक्षांष 74.56 उ0 रेखान्तर 82.30 पूर्व तुला लग्न मे केतु, मकर मे गुरू वक्री, मेष मे चन्द्र 13 अंश. राहू. 2.अंश मंगल 25.अंश वृष मे बुध वक्री 24अंश, शुक्र 21. अंशसूर्य 11अंश , सिंह मे शनि 7अंश। चतुर्थ और दषम भाव दोनो पापग्रस्त भंयकर दुघर्टना देंगें वक्री षष्ठेष गुरू चतुर्थ भाव को पापग्रस्त कर रहा है। अष्ठमेश गुरू व चतुर्थेश शनि से दृष्ट। 8 जून 1994 को सुबह आठ बजे जातक मकान के दुमंजिले पर बनी पानी की टंकी का निरीक्षण करते हुये छत से गिरा जिससे उसके दोनो घुटने और बांयी भुजा टूट गई राहू मे गुरू का अंतर चल रहा था
4. लड़की तिमंजिले से गिरी। लेकिन बच गई 18 मई 1974। प्रातः-5.05। बम्बई। मेष लग्न-14.अंश 27 अंष, वृष मे सूर्य 3 अंश, बुध 18 अंश केतु 27अंश, मिथुन मे शनि 9 अंश व मंगल 23 अंशव ृष्चिक मे राहू, कुंभ मे गुरू 21 अंश मीन मे चन्द्र 14 अंश, शुक्र 21 अंश। शनि मे बुध की अन्तरदषा मे 21 वर्ष की उम्र मे पागल हुयी और उसी अवस्था मे 1995 को षिवरात्रि के दिन तिमंजिले से कूद गई पर सौभाग्य से बच गई अष्ठमेष मंगल शनि युत तृतीय भाव मे व गुरू दृष्ट।
5. जातक 15/16 मई 1913। समय-54 घटी 15 पल ( 3.48 प्रातः)जिला तंजौर नक्षत्र- उत्तरा फाल्गुनी शेष सूर्य महा दषा 2 वर्ष 2 माह 22 दिन ( सूर्य 2 वर्ष 7 माह 22 दिन)  पर मीन लग्न में मंगल राहू, मेष मे शुक्र बुध, वृष मे सूर्य शनि, कन्या मे चन्द्र व केतु, धनु मे गुरू। लग्न मे तथा चन्द्र से 7 वें भाव मे मंगल राहू योग मीन मे जल दुर्घटना, अष्ठमेष शुक्र पापकर्तरी मे व चतुर्थेश बुध युत लग्नेश गुरू वक्री। डूबने से मौत।
6. जमांक पत्नी-24 दिसम्बर 1917। 3 घटी 45 पल, ( प्रात-8. 10 मिनट। जिला तंजौर। मकर लग्न मे शुक्र, मेष मे चन्द्र वृष मे गुरू, मिथुन मे केतु, कर्क सिंह मे मंगल मतान्तर से कन्या मे मंगल धनु मे सूर्य राहू, व बुध मे शनि भरणी नक्षत्र गुरू व शनि वक्री शेष षुक्र महादषा 15 वर्ष 19 माह 29 दिन( साभार- सम प्राॅबलम्स इन मेट्रोनियल एफेयर्स, एस कानन, एस्ट्रोलाॅजिकल मैगजीन, अक्टूबर, 1969)
5. भारतीय परमाणु वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा- 30 अक्टूबर 1907। प्रातः- 6.00। बम्बई। तुला लग्न  मे सूर्य, शुक्र, वृष्चिक मे बुध, धनु मे केतु, मकर मे मंगल कुंभ मे शनि, मिथुन मे राहू, कर्क मे गुरू व चन्द्रमा। लग्नेश व अष्ठमेश शुक्र त्रिकेाण मे सूर्य चतुर्थेश शनि वायु तत्व की राशि कुम्भ में वायुयान कारक राहू भी वायुतत्व की राशि में है राहू से दृष्ट है, वायु दुर्घटना मे मौत।
6. श्रीमती कल्पना चावला अंतरिक्ष यात्री:- जन्म - 17 मार्च 1962 प्रातः 10.05 बजे करनाल। वृष लग्न 8, कर्क में चन्द्र राहू, मकर मे शनि केतु कुंभ मे गुरू, मंगल शुक्र, मीन मे सूर्य बुध। 16 जनवरी 2003 मे अंतरिक्षयान मे विस्फोट से मृत्यु लग्नेश शुक्र, द्वादेश मंगल अष्ठमेष गुरू योग पापकर्तरी में राहू केतु दोनों का राषीष चन्द्रमा राहू व शनि केतु से युत। चतुर्थेष सूर्य शनि व राहू से दृष्ट। 
5. संजय गांधी:- स्वर्गीय संजय गांधी का जन्म 14 सितम्बर, 1946। 9.27 प्रातः दिल्ली मकर लग्न, वृष में राहू, कर्क में शनि सिंह में चन्द्र, तुला में गुरू व शुक्र, वृश्चिक में सूर्य केतु बुध, धनु में मंगल। 26 जून, 1980 को प्रातः 10 बजे दिल्ली में एक विमान दुर्घटना में मारे गये थे।
6. माधवराव सिंधिया:- 10 मार्च, 1945 को रात्रि 11.05 मिनट स्थान ग्वालियर। वृश्चिक लग्न, द्वितीय में 0धनु में चन्द्र केतु, मकर में मंगल, कुम्भ में सूर्य, मीन में बुध, मेष में शुक्र, मिथुन में शनि वक्री व राहू सिंह में गुरू। अष्ठमेश बुध चतुर्थेश शनि में दृष्ट। हेलीकाॅप्टर दुर्घटना में मृत्यु।