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कुत्तों में रहस्मयी बीमारी फैलने से हो रही मौते, लोगो मे दहशत
April 20, 2020 • पवन उपाध्याय • Vedio

कोरोना वॉयरस के संक्रमण से जहाँ पूरी दुनिया मे मौत और मौत का खौफ लोगो के दिलो में छाया हुआ, लॉक डाउन से पसरे सन्नाटे के बीच हर आदमी कोरोना से बचने की जुगत में लगा है। वही आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहशील में कुत्तों की रहस्यमय बीमारी से हो रही मौते लोगो के दिलो में भय और आशंका पैदा कर रही है। सगड़ी तहसील  के ग्रामीण छेत्रो के गांवों अंजानसहीद, देवापार, सोहरैया, पतार आदि गांवों में लगातार कुत्तों की मौत होती जा रही है। 15 दिनों के अंदर अंजानशहीद में एक दर्जन कुत्तो की मौत हो चुकी है। जबकि अगल बगल के गांवों में भी कुत्ते मर रहे हैं।जिसे लेकर ग्रामीणों में दहसत का माहौल बन गया। इन लोगों ने इसकी सूचना  एसडीएम सगड़ी प्रियंका प्रियदर्शनी को दिया। एसडीएम ने इसको तुरंत सज्ञान में लेते हुवे संबंधित मेडिकल टीम को आदेश दिया ताकि चिकित्सक जांच करते हुये लगातार मौत का कारण जाने। मौके पर संबंधित मेडिकल विभाग की अंजानशहीद, अजमतगढ़ व बिलरियागंज की टीम ने फौरन अंजानशहीद, सोहरैया वाजिद, देवापार गांव में पहुचकर गांव के छेत्रिय लोगों के मदद से कुत्तो को पकड़ कर जाँच करते हुवे इलाज किया और काफी समय तक कुत्तो के ऊपर निगरानी करते हुए गहन अध्यन किया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद यादव बताया कि 11 कुत्तों के मौत की हमे सूचना मिली। बीमार कुत्तों की जांच की जा चुकी है जांचोपरांत प्रथम दृष्टया उनके अंदर कैनाइन डिस्टेम्पर (सी.सी.डी..) पाया गया जो कि जूनोटिक श्रेणी की बीमारी नही है। तथा कुत्ते से कुत्ते में फैलना पाया जाता है और इन लोगों का इलाज भी किया गया बाकी का इलाज भी किया जाएगा ताकि छेत्र से कुत्ते विलुप्त न हो। ग्रामीण मिर्जा सारिक बेग ने कहा कि मैंने अपने हाथों से 11 कुत्तों को दफनाया है। कुत्तों में यह बीमारी फैल रही है। मेरा शासन और प्रशासन से मांग है कि समय रहते इसकी जांच की जाय गंभीरता से लिया जाय। ताकि बाद में कोई गंभीर समस्या न हो और लोग भय में न जिए। पतार गांव के निवासी रामसमुझ यादव कहते है कि मेरे गावँ में बीमारी की वजह से दो तीन दिन में दो तीन कुत्ते मर गए।                                   एसडीएम सगड़ी प्रियंका प्रियदर्शनी ने बताया कि ग्रामीणों ने हमे सूचना दी तो हमने पशु चिकित्सको टीम बना जांच के लिए भेजा । डॉक्टरो ने इसे प्रथम दृष्टया कैनाइन डिस्टेम्पर बताया है। यह केवल कुत्तों से कुत्तों में फैलता है।