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प्रेमी द्वारा अवैध संतान के योग
January 9, 2020 • - पं. के.के. तिवारी

ज्योतिष के अनुसार बुध अवैध संतान का कारक ग्रह है। सेक्स योगो मे यदि चन्दमा भी शामिल हो तो युवती का घर से भागना तथा गर्भ ठहरना जैसी घटनायें घटित होती हैं। यदि लग्न मे एक पापी ग्रह हो लग्न पर किसी ग्रह की दृष्टि ना हो तथा जंम तिथी के अंत, सूर्यास्त, या चर राशि के अंतिम नवांश मे, चन्द्रमा शुक्र व बुध के मध्य हांेे लग्न को ना देखे या लग्न मे शनि व सप्तम मे मंगल हो लग्न पर गुरू या शुक्र की दृष्टि ना हो तथा मंगल और चन्द्र सूर्य को ना देखें तो संतान अवैध हों (मानसागरी, चतुर्थ अध्याय-श्लोक, 91,92, 93, 96)भोजराज द्विवेदी के अनुसार यदि चतुर्थी नवमी व चर्तुदशी तिथी को सोंमवार, मंगलवार या शनिवार हो तथा चन्द्रमा उ0 फाल्गनुी, उ0 षाढा या उ 0 भाद्रपद के तृतीय चरण मे हो तो अवैध संतान पैदा हो।
 पारिजात योग-नौकर अजनबी या अंय से पैदा पुत्र। यदि लग्नेश या सप्तमेश बुध से युत हो तो अवैध संतान का कारक ग्रह है। यदि स्त्री जातक मे 7 वां भाव पापग्रस्त हो शुक्र व मंगल या शुक्र व शनि परस्पर नवंाश मे परिवर्तन करे तो वह अपने प्रेमी से पुत्र पैदा करेगी पंचमेश बुध पापग्रस्त हो और गुरू भी पापग्रस्त हो अवैध संतान देगा यदि चन्द्रमा 7 वें भाव मे सूर्य से युत या दृष्ट हो तो जातक के कुंआरी स्त्री से संतान होगी यदि चन्द्रमा 5 वें भाव मे सूर्य से युत या दृष्ट हो तो जातक के कुंआरी स्त्री से संतान होगी यदि कर्क राशि 5 वें भाव मे सूर्य से युत या दृष्ट हो तो जातक के कुंआरी स्त्री से संतान होगी।
1. यदि पत्नी का पंचमेश बली हो व षष्ठेश से युत या दृष्ट हो तथा पंचम भाव पर श्ुाभ ग्रह की दृष्टि हो तो पत्नी अपने प्रेमी से संतान पैदा करेगी।
2. यदि सप्तमेश द्वितीय भाव मे मंगल से युत हो प्रेमी से संतान पैदा होगी।
3. द्वितीयेश मंगल से युत या दृष्ट होकर सप्तम भाव मे जाये तो प्रेमी से अवैध संबध से संतान पैदा होगी।
4. पंचंमेश मंगल से युत या दृष्ट होकर 2 या 7 भाव मे जाये व इन योगो मे राहू केतु या शनि की भी युति या दृष्टि हो तो पत्नी का संबध पति के मित्र जेठ, राजा या देवर से होगा तथा इनसे संतानोपत्ति होगी। 
1. युवती-5 अगस्त 1985। समय- 10.40। मुरादाबाद, कन्या तुला मे केतु, लग्न वृश्चिक मे शनि, मकर मे सूर्य बुध, गुरू, मीन मे शुक्र मंगल मेष मे राहू कर्क मे चन्द्रमा । शादी के समय गर्भवती थी प्रेमी से ही विवाह।
2. जातिका 26 जनवरी 1957। प्रातः-9.09 मिनट। उन्नाव। कुंभ लग्न मेष मे मंगल, वृष मे केतु, कन्या मे गुरू, वृश्चिक मे चन्द्र राहू, शनि, धनु मे शुक्र बुध मकर मे सूर्य। पति आई पी एस, 30 जनवरी 1975 को विवाह 2 पुत्री, 1983 मे शुक्र मे मंगल की दशा मे देवर से 12 साल से संबध 3 जुलाई 1989 को देवर से एक पुत्री पैदा हुयी।
3. जातिका ने अपने प्रेमी से संतान पैदा की और अपने पति को छोड़ दिया 31 सितम्बर 1946। 5.05 प्रातः -ग्वालियर सिंह लग्न मे सूर्य व बुध, कन्या मे मंगल, तुला मे बुध शुक्र वृश्चिक मे चन्द्र व केतु। वृष मे राहू, कर्क मे शनि।
4. उम्र मे छोटे चचेरे भाई से गर्भवती हुयी 22 अगस्त 1926। श्रावण सुदी चतुर्थी 37 घटी, बैंगलोैर। मेष लग्न कन्या का त्रिशांश ( ए एम0, )मेष लग्न लग्न मे मंगल, मिथुन मे राहू, कर्क मे बुध व शुक्र, सिंह मे सूर्य, तुला मे शनि, धनु मे केतु, मकर मे गुरू व चन्द्र। विवाह पूर्ण यौन संबध गर्भवती हुयी और संतान पैदा हुयी। ताऊ की बेटी बड़ी बहन से अवैध बच्चा पैदा किया। 
5 नवम्बर 1926। 13 घटी, स्वाति नक्षत्र, बैंगलोर, ब्राह्मण युवक ने तीन माह बड़ी बहन को गर्भवती बनाया मकर लग्न मे नीच का गुरू, मेष मे वक्री मंगल, मिथुन मे राहू, तुला मे सूर्य चन्द्र शुक्र, वृश्चिक मे बुध शनि, धनु मे केतु।
 लाॅर्ड बाॅयरन:- 22 जनवरी 1788। दिन मे दो बजे। लंदन। पुष्य नक्षत्र प्रथम चरण। मिथुन लग्न मे वक्री मंगल व केतु, कर्क मे चन्द्र, धनु मे बुध व राहू, मकर मे सूर्य कुंभ मे शुक्र व शनि वृष मे वक्री गुरू। लाॅर्ड बाॅयरन के 211 महिलाओं से अवैध संबध थे इनके पिता ने एक विधवा कार्मेरकन आॅराकेस से विवाह किया था जिससे दो लड़कियां पैदा हुयी इनमे से एक लड़की अगस्ता लीग जो बाॅयरन की बहन थी से भी बाॅयरन के अवैध संबध हुये और  बहन से एक पुत्री मेडोरा पैदा हुयी। 
प्रत्यूषा बनर्जी-चर्चित सीरियल बालिका वधु की नायिका प्रत्यूषा बनजी का जंम 10 अगस्त 1991 को प्रातः 4.20 पर जमशेदपुर  बिहार मे हुआ था उनके कई मर्दाें से अवैध संबध थे नशा शराब सैकस उनकी लाईफ के अंग थे 2014 मे राहूलसिंह उनकी जिंदगी मे आये जिनसे वे गर्भवती हो गई तभी उन्हें पता चला कि राहूल किसी अंय युुवती से इंगेज हैं इस बात पर दोनो के बीच खूब झगड़ा हुआ और 1 अप्रैल 2016 चैत्र कृष्ण नवमी शुक्रवार को उन्होने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली मृत्यु के समय वे उनके दो माह का गर्भ था जमंाक कर्क लग्न 8 अंश, लग्न मे सूर्य 23, गुरू 29,चन्द्र 21, ंिसंह मे शुक्र 12, बुध वक्री 12, मंगल 22, धनुमे राहू 25, मकर मे शनि वक्री, मिथुन मे केतु 25।
 जिया खान:-गजनी, निःशब्द और हाउसफुल जैसी सफल फिल्मों की सफल अभिनेत्री जिया खान का जंम 20 फरवरी 1988 को शाम 7.30 पर सिंह लग्न मे न्यूयार्क अमरीका मे हुआ था। वे अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली के साथ लिव इन रिलेशन मे थीं.उन्होने एक एबार्शन भी करवाया था कुछ कारणोे से उनका ब्रेकअप हो गया 3 जून 2013 को उन्होने बम्बई मे फांसी लगा कर उन्होने आत्महत्या कर ली उनका जमांक इस तरह है। सिंह लग्न मे केतु पंचम मे धनु का शनि व मंगल, मकर मे बुध वक्री, सप्तम मे कुंभ मे सूर्य राहू, अष्ठम मे मीन मे शुक्र व चन्द्र मेष मे गुरू नवांश लग्न धनु मे सूर्य शुक्र केतु, कुंभ मे चन्द्र, मेष मे गुरू वृष मे मंगल, सप्तम मे मिथुन मे बुध राहू शनि। स्व माणिक चन्द्र की कार्मिक कन्ट्रोल थ्योरी के अनुसार यदि राहू केतु के डिपाॅजिटर यदि राहू केतु के साथ युति हो तो जातक की अकाल अप्राकृतिक मत्यु हत्या, आत्महत्या या दुर्धटना से होती हौं जमांक मे केतु की राशि का स्वामी सूर्य से युत है। तथा नवांश मे राहू गत राशि मिथुन कस स्वामी ग्रह बुध भी राहू से युत है। जो स्पष्ठ अकाल और आत्महत्या से मृत्यु का योग बना रहा था।