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पुराने वैद्यों के अनुभूत नुस्खे
November 28, 2019 • प्रेषक- वैघ नारायण सिंह परिहार

कब्ज नष्ट हो:- भुने चने 100 ग्राम, काला नमक एक चम्मच, और 25 ग्राम अजवाइन लें। इन सबको कूट कर उसका चूरा बना लें और प्रातः सांय दो दो चम्मच गर्म पानी से लें।
- जे.पी. शर्मा, बनारसी टोला, अलीगंज, लखनऊ।
जूड़ी या मलेरिया बुखार:- सादे नमक को तवे पर तब तक भूने जब तक भूरे रंग का ना हो जाय फिर एक चम्मच भुना नमक ठंडे पानी दिन में तीन बार लें बुखार रहने तक लेते रहें।
- डा. गण्ेाश नारायन चैहान, जयपुर, राजस्थान
दान्त मे कीड़ा होने पर:- जिस ओर के दान्त मे कीड़ा लगा हो उस तरफ के कान मे लटजीरा की पत्तियों का रस डालने से कीड़ा मर जाता है और दर्द समाप्त हो जाता है, कभी-कभी यह प्रयोग दो-तीन बार दोहराना होता है।
नजर का चश्मा उतारना हो:- नित्य दोनों आँखों मे एक एक बूंद असली शहद डालने से ना केवल चश्मा उतर जाता है बल्कि शुरूआती दौर का मोतियाबिंद भी कट जाता है।      
- डा. गण्ेाश नारायन चैहान, जयपुर, राजस्थान
मोतियाबिंद नाशक नुस्खा:- आयुर्वेद के अनुसार मोतियाबिंद कफ विकार के कारण होता है। इसके नाश हेतु कच्ची मूंगफली को चूने मे पानी मे भिगों दें जब मूंगफली चूने को अच्छी तरह सोख लें तो मूंगफली को धूप मे सुखा लें फिर एक चम्मच मूंगफली लेकर हथेली मे रगडें तो मूंगफली पाउडर मे बदल जायेगा एक चम्मच फांक कर उपर से एक कप गाय का दूध नित्य पीने से मोतियाबिंद जड़ से समाप्त हो जायेगा।