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सहारा के भूमिगत पिरामिड
January 17, 2020 • साभार - वाराह वाणी

एनन्शिएंट मिस्ट्रीस: 30 मई 2015 को उपग्रह से प्राप्त चित्रों से पता चला है। अफ्रीका के विशाल सहारा रेगस्तिान की बालू के नीचे अबू सिधम क्षेत्र मे चार अत्याधिक विशाल रहस्यमय ढांचे पाये गये हैं जो या तो क्षतिग्रस्त पिरामिड है या प्रागैतिहासिक या बाइबिल मेवर्णित नूह की बाढ के पूर्व का कोई संरचना। महान बाढ पर वैज्ञानिकों मे मतभेद है। कुछ लोंगों का विश्वास है कि अति प्राचीनकाल मे विश्व मे एक भयानक बाढ मे सारी प्रथ्वी जलमग्न हो गई थी सेटेलाइट आर्कोलाजी फान्डेशन की संस्थापिका ऐंजेला मिकोल के अनुसार उपग्रह चित्र टीला या छोटी पहाड़ीनुमा संरचना पत्थरों का भग्न पिरामिड है। सबसे बड़ा ढांचा किसी वर्गाकार भवन का खंडहर लगता है। जो मिस्त्र के पिरामिड के भी अति प्राचीन लगता है। इन ढांचों के चारों ओर 50 फुट की ऊँचाई पर महत्वपूर्ण जलधारा मिली है। जो इनके मानवनिर्मित टीला या पिरामिड होने का सबूत है। ऐंजेला मिकोल ने मिस्त्र मे अबु सिधम क्षेत्र का दौरा करने वाली मिस्त्र की एक खोजकत्र्ता टीम के साथ समझौता किया जिसने उन टीलों का विस्तृत वीडियो भेजा जिसमे वे टीले पिरामिड जैसेे दिख रहे थे साथ ही बहुत बड़े क्षेत्र मे फैली मिटटी के बर्तनों टुकड़े दिख रहे थे जो जिससे सिद्ध हो गया के अबु सिधम क्षेत्र मे बालू के नीचे कोई चीज दफन है टीम ने गुफा खोजक यंत्र व मेटल डिटेक्टर प्रयोग किया जिससे पता चला के चारों पिरामिडों के नीचे सुरंगे और गुफायें हैं। टीम और ऐंजेला मिकोल का विश्वास है। कि जमीन के नीचे ढांचा कोई मंदिर या बस्ती है। और पिरामिड के बगल मे लकीरनुमा संरचनायें के मकबरे हो सकते हैं।