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शिथिलता पाई जाती है तो सम्बन्धित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी
June 12, 2020 • पवन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार • News

आजमगढ़। मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने मनरेगा कन्वरजेन्स से सम्बन्धित समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस योजना के तहत विभाग द्वारा कराये जाने वालों का प्रस्ताव तत्काल डीसी मनरेगा को उपलब्ध करा दें। उन्होंने कहा कि मनरेगा कन्वरजेन्स के तहत सभी कार्य 15 जून से प्रारम्भ कर दिया जाना है तथा शासन स्तर पर इसे प्राथमिकता दी जा रही है, इसलिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने में यदि किसी विभाग द्वारा शिथिलता पाई जाती है तो सम्बन्धित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। इसी प्रकार उन्होंने जनपद आजमगढ़, मऊ एवं बलिया में सड़क सहित अन्य समस्त निर्माण कार्यों के सम्बन्ध में भी निर्देशित किया कि लाॅकडाउन घोषित होने के कारण जो निर्माण कार्य बाधित हो गये हैं या अभी तक आरम्भ नहीं हो सकी हैं, उन सभी परियोजनाओं पर तत्काल निर्माण कार्य प्रारम्भ करा दिया जाय। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी अपने कार्यालय के सभागार में मण्डल के जनपदों में मनरेगा कन्वरजेन्स में प्राप्त प्रस्तावों एवं उसकी स्वीकृति के साथ ही लाॅकडाउन के कारण बाधित एवं अनारम्भ निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने मनरेगा कन्वरजेन्स के प्रस्तावों एवं उसकी स्वीकृति की समीक्षा में पाया कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं उपलब्ध कराया गया है, जबकि इस सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कराये जाने हेतु अधिशासी अभियन्ता लघु सिंचाई बैठक में उपस्थित भी नहीं थे। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियनता लघु सिंचाई को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। इसी प्रकार वन विभाग द्वारा भी प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराये जाने के सम्बन्ध में वस्तुस्थिति से अवगत कराये जाने हेतु वन संरक्षक अनुपस्थित पाये गये। मण्डलायुक्त ने उन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही शासन को पत्र प्रेषित किये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने मनरेगा कन्वरजेन्स में प्राप्त प्रस्तावों की विभागवार समीक्षा के दौरान जनपद आजमगढ़ में कई विभागों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष प्रस्ताव प्रेषित करने में कमी मिलने पर असन्तोष व्यक्त किया तथा कहा कि 15 जून से सभी स्वीकृत कार्यों को अनिवार्य रूप से प्रारम्भ किया जाना है, इसलिए सम्बन्धित विभाग प्रस्ताव उपलब्ध कराने में तत्परता दिखायें।