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सुख-चैन से रहने के सरल उपाय
November 20, 2019 • डी.एस. परिहार


सभी लोग अपने मकान में सुख-चैन रहना चाहते हैं, कभी-कभी मकान बनवाते समय भूल या परिस्थितिवश कुछ वास्तुदोष हो जाते हैं। कुछ लोग इनका निवारण समय रहते करा लेते है, बहुत से लोग वास्तु दोष के कारण अनेकों समस्याओं से जुझते रहते हैं। आप कुछ वास्तुदोष निवारण और संपन्नता सुख-चैन से रहने के सरल उपाय बताये जा रहे हैं, उनसे आप दोषों से बच सकते हैंै।
ऽ यदि आपके मकान के सामने किसी प्रकार का वेध यानी खंभा, बड़ा पेड़ या बहुमंजिला इमारत हो तो इसकी वजह से आपका स्वास्थ्य या आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है, यदि वेघ दोष हो तो निम्न उपाय करना कारगर होगा।         
ऽ अपने मकान के सामने लैम्प पोस्ट लगा लें, यदि यह संभव नहीं हो, तो घर के आगे अशोक का वृक्ष और सुगंधित फूलों के पेड़ के गमले लगा दें, तुलसी का पौधा स्वास्थ्य के लिए शुभ होता है।                                                                       
ऽ यदि मकान के पास में फैक्टरी का धुआं निकलता हो, तो एग्जास्ट पंखा या वृक्ष लगा लें।                                                        
ऽ यदि मकान में बीम सी जगह हो जिसके कारण आप मानसिक तनाव महसूस करते हो तो बीम से उत्पन्न होने वाले दोषों से बचाव के लिए यह उपाय अपना सकते है।
 शयनकक्ष में बीम हो, तो इसके नीचे अपना बैड या डाइनिंग टेबल नहीं लगाये, यदि कार्यालय हो तो मेज व कुर्सियां नहीं रखे। बीम के दोनों ओर बांसुरी लगा दें. इससे वास्तुदोष निवारण हो जाता है।
ऽ बीम के दोनों ओर हरे रंग की गणपति प्रतिमा लगा दें, वास्तु दोषनाशक मानी जाती है।
 पूजा घर पूर्व-उत्तर (ईशान कोण) में होना चाहिए तथा पूजा यथासंभव प्रातः 06 से 08 बजे के बीच भूमि पर ऊनी आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठकर ही करनी चाहिए।
 पूजा घर के पास उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में सदैव जल का एक कलश भरकर रखना चाहिए. इससे घर में सपन्नता आती है। मकान के उत्तर पूर्व कोने को हमेशा खाली रखना चाहिए।
 घर में कहीं भी झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखना चाहिए. उसे पैर नहीं लगना चाहिए, न ही लांघा जाना चाहिए, अन्यथा घर में बरकत और धनागम के स्रोतों में वृद्धि नहीं होगी।
ऽ घर में दरवाजे अपने आप खुलने व बंद होने वाले नहीं होने चाहिए, ऐसे दरवाजे अज्ञात भय पैदा करते हैं, दरवाजे खोलते तथा बंद करते समय सावधानी बरतें ताकि कर्कश आवाज नहीं हो, इससे घर में कलह होता है, इससे बचने के लिए दरवाजों पर स्टाॅपर लगाएं तथा कब्जों में समय-समय पर तेल डालें। 
ऽ खिड़कियां खोलकर रखें, ताकि घर में रोशनी आती रहे। घर के मुख्य द्वार पर गणपति को चढ़ाए गए सिंदूर से दायीं तरफ स्वास्तिक बनाएं।                                                    
ऽ महत्वपूर्ण कागजात हमेशा आलमारी में रखें। मुकदमे आदि से संबंधित कागजों को गल्ले, तिजोरी आदि में नहीं रखें, सारा धन मुकदमेबाजी में खर्च हो जाएगा।
ऽ घर में जूते-चप्पल इधर-उधर बिखरे हुए या उल्टे पड़े हुए नहीं हों, अन्यथा घर में अशांति होगी।                                    
ऽ सामान्य स्थिति में संध्या के समय नहीं सोना चाहिए, रात को सोने से पूर्व कुछ समय अपने इष्टदेव का ध्यान जरूर करना चाहिए।
मकान में सुख-चैन और संपन्नता के सरल उपाय 
- अपने घर के उत्तरकोण में तुलसी का पौधा लगाएं
- हल्दी को जल में घोलकर एक पान के पत्ते की सहायता से अपने सम्पूर्ण घर में छिडकाव करें, इससे घर में लक्ष्मी का वास तथा शांति भी बनी रहती है।
- अपने घर के मन्दिर में घी का एक दीपक नियमित जलाएं तथा शंख की ध्वनि तीन बार सुबह और शाम के समय करने से नकारात्मक ऊर्जा घर से बहार निकलती है।
- अपने घर में दीवारों पर सुन्दर, हरियाली से युक्त और मन को प्रसन्न करने वाले चित्र लगाएं, इससे घर के मुखिया को होने वाली मानसिक परेशानियों से निजात मिलती है।
- वास्तुदोष के कारण यदि घर में किसी सदस्य को रात में नींद नहीं आती या स्वभाव चिडचिडा रहता हो, तो उसे दक्षिण दिशा की तरफ सिर करके शयन कराएं, इससे उसके स्वभाव में बदलाव होगा और अनिद्रा की स्थिति में भी सुधार होगा।
- अपने घर के ईशान कोण को साफ सुथरा और खुला रखें, इससे घर में शुभत्व की वृद्धि होती है।
- अपने घर के मन्दिर में देवी-देवताओं पर चढ़ाए गए पुष्प-हार दूसरे दिन हटा देने चाहिए और भगवान को नए पुष्प-हार अर्पित करने चाहिए।
- घर के उत्तर-पूर्व में कभी भी कचरा इकट्ठा न होने दें और न ही इधर भारी मशीनरी रखें।
- अपने वंश की उन्नति के लिये घर के मुख्यद्वार पर अशोक के वृक्ष दोनों तरफ लगाएं।
- अपने घर के पूजा घर में देवताओं के चित्र भूलकर भी आमने-सामने नहीं रखने चाहिए इससे बड़ा दोष उत्पन्न होता है।
- पूजाकक्ष की दीवारों का रंग सफेद हल्का पीला अथवा हल्का नीला होना चाहिए। 
- घर में किसी भी कमरे में सूखे हुए पुष्प नहीं रखने दें, यदि छोटे गुलदस्ते में रखे हुए फूल सूख जाएं, तो उसमें नए पुष्व लगा दें और सूखे पुष्पों को निकालकर बाहर फेंक दें।
- सायंकाल के समय घर के सदस्य सामूहिक आरती करें. इससे भी वास्तुदोष दूर होते हैं