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विवाह में एक नया युग आया है
January 12, 2020 • डी. एस. परिहार

बदलते आर्थिक व समाजिक परिवेश मे भारतीय समाज मे अनेकों नये परिवर्तन आये हैं। समाज की कई पुरानी संस्थायें, मान्यतायें परम्परायें या तो टूट चुकी हैं या उनमें आमूल-चूल परिवर्तन आये हैं। जैसे प्रेम-विवाह, विधवा-विवाह, तलाक के बाद पुर्नविवाह, अन्र्तजातीय विवाह आदि। जैसे विवाह में एक नया युग आया है कि अनेकों लड़के अपने से बड़ी उम्र की लड़की से शादी करते है। इसका मूल कारण लड़के और लड़कियों की विवाह हेतु जरुरतों में बदलाव आया है। पुराने समय में लड़की की सुन्दरता, कुल, गुण, सेवाभाव, विनम्रता, दान-दहेज को प्राथमिकता दी लाती थी लेकिन आज नई पीढी जीवन साथी में हाई और प्रौफेशनल एजूकेशन, रेपुटेटेड जाब को तथा समान मेंटल स्टेटस जैसे गुण खोजता है। ऐसे वर खोजने और अपना कैरियर बनाने के चक्कर मे अक्सर लड़कियाँ ओवरएज हो जाती हैं और उनके पास कम आय और लो स्टेटस वाले रिश्ते आने लगते है। लड़कांे को भी अपने से छोटी ऐसी लड़कियाँ मिलती है। जिनका शैक्षिक और कैरियर उनके मनमुताबिक ना होकर घटिया होता है। क्योंकि कि उच्च शिक्षा और उँचा जाॅब हासिल करने में काफी समय लगता है जो उन्हें अपने से अधिक उम्र की लड़कियों के पास मिल जाता है। अतः वे मेच्योर लड़कियों से शादी कर लेते है। ऐसे विवाह लव और अरेन्ज दोनों प्रकार के होते हैं। हांलाकि भारतीय ज्योतिष में ऐसे विवाहों का वर्णन बेमेल या अनमेल विवाह के रूप में किया गया लेकिन अनेक ऐसे सूत्र का वर्णन है, जो बताते है कि जातक को सामान्य आयु से छोटी या बड़ी उम्र की कन्या प्राप्त होगी या कन्या को बूढा या छोटी उम्र का पति प्राप्त होगा ऐसे कुछ ग्रह योग निम्नलिखित हैं। 
1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य, चन्द्र, गुरू अधेड़ उम्र के शनि व राहू़ वृद्ध ग्रह माने जाते है और मंगल, शुक्र और बुध युवा और कम उम्र के ग्रह माने जाते है।
2. स्त्री जातक मे सप्तम भाव, सप्तमेश और पति कारक मंगल मतान्तर से गुरू से जब युवाग्रहों की युति या दृष्टि या राशि परिवर्तन जैसा संबध बने तो कन्या को अपने से कम आयु का पति या प्रेमी प्राप्त होगा।
3. पुरूष जातक में सप्तम भाव, सप्तमेश और पत्नी कारक षुक्र से जब युवाग्रहों की युति या दृश्टि या राशि परिवर्तन जैसा संबध बने तो जातक को अपने से अधिक आयु की पत्नी या प्रेमिका प्राप्त होगी।
4. ऐसे विवाहों मे शनि और बुघ ग्रह की प्रमुख होती भूमिका सप्तम भाव पर षनि की युति या कन्या को अपने से कम आयु का वर और पुरुष जातक को अपने से काफी छोटी आयु की पत्नी या अपने से बड़ी आयु की पत्नी देता है। 
5. अक्सर ऐसी कन्या के जमंाकों मे विवाह विलंब के स्पष्ट योग पाये जाते है। सप्तम भाव दूषित होता है। और कुछ केसेस में तलाक या विधवा होने के योग भी योग होते है। क्योंकि समाज मे कभी-कभी लड़के अपने से बड़ी उम्र की धनी विधवा या तलाकषुदा महिला से भी शादी की लेते है। 
6. यदि शुक्र 7 वें भाव में हो और मंगल के नवंाश में जाये तथा शुक्र पर किसी शुभग्रह की दृष्टि या प्रभाव हो तो जातक विवाहित या अपने से बड़ी आयु की महिला से विवाह या यौन संबध रखेगा।
7.यदि षुक्र 7 वें भाव में हो और मंगल के नवंाश मे जाये तथा षुक्र पर किसी शनि की दृष्टि या युति हो और किसी शुभग्रह की दृष्टि या प्रभाव ना हो जातक जातक अपने से बड़ी आयु की विवाहित महिला से विवाह या यौन संबध रखेगा। 
8. यदि शुक्र 7 वें भाव में हो और शनि के नवंाश मे जाये तथा शुक्र पर मंगल की दृष्टि या युति हो जातक और किसी शुभग्रह की दृष्टि या प्रभाव ना हो।
9. यदि नवम भाव में पापग्रस्त चन्द्रमा हो तो जातक और किसी शुभग्रह की दृष्टि या प्रभाव ना हो जातक अपने से बड़ी आयु की महिला से विवाह या यौन संबध रखेगा। चन्द्रमा पर षनि राहू या सूर्य का प्रभाव ऐसे योगों को जंम देगा। 
1. 19 नवम्बर 1957। रात्रि-1. 00। उन्नाव। सिंह लग्न- कन्या में चन्द्र व गुरू, तुला मे राहू, मंगल, वृश्चिक मे सूर्य, बुध, शनि, धनु मे शुक्र, मेष मे केतु। सप्तमेश शनि बुध युत छोटा पति। 
2. 19 अगस्त 1978। प्रातः 11. 12 मिनट। बहराइच। तुला लग्न, कुंभ मे चन्द्र, मीन में केतु, कर्क मे गुरू, सिंह मे सूर्य, बुध, शनि। कन्या मे राहू, मंगल, शुक्र। उप पद से द्वितीय मे सूर्य, शनि प्रथम विवाह का नाश, मंगल व शुक्र द्विस्वभाव राषि मे विवाह का नाश, मंगल व शुक्र द्विस्वभाव राषि मे जातिका के द्विविवाह देगा मंगल द्विस्वभाव राशि में दो पति योग। प्रथम पति की फेफडे़ के कैंसर से मृत्यु द्वितीय अन्र्तजातीय विवाह पति दो साल छोटा। पति कारक मंगल से आयु भावेश अष्ठमेश मंगल राहू युत पति अल्पायु और दुःमरण योग। द्वितीय विवाह नवम भाव से देखते हैं। पंचमेश (रोमांस व लवर कारक) की नवमेश से युति द्वितीय प्रेम विवाह नवमेश बुध तथा  पंचमेश की युति द्वितीय पति उम्र मे छोटा। 
3. ऐश्वर्या राय:-1 नवम्बर 1973। प्रात:-4.05, बंगलौर, कन्या लग्न, षुक्र, राहू, चन्द्र, तुला में सूर्य बुध, मकर में गुरू, मीन में मंगल केतु, वृष मे वक्री, बुध शु़क्र में राशि परिवर्तन।
4. अभिषेक बच्चन:- 5 दिसम्बर 1976। समय- दोपाहर- 12.00 बजे। बम्बई। तुला लग्न- मीन मे चन्द्र, कर्क मे शनि। वृश्चिक मे सूर्य, मंगल धनु मे बुध, मकर मे शुक्र,  मेष मे केतु., तुला वृष में राहू, वृष मे चन्द्र, गुरू।
5. सुनील दत्त:- 6 जून 1931। विवाह-13 मई 1959। 11 मार्च 58 मे विवाह, मृत्यु- 25 मई 2005। सिंह लग्न मे मंगल, कन्या में केतु, धनु मे शनि, मकर मे वन्द्र, मीन मे राहू, मेष मे बुध, शुक्र, वृश मे सूर्य, मिथुन में गुरू। 
6. नरगिस दत्त:- 1 जून 1929। समय-5. 52 शाम। कलकत्ता। मृत्यु- 3 मई 1980। वृष लग्न, सिंह मे शनि, कन्या में चन्द्र, बुघ, शुक्र, तुला वृश्चिक में मंगल, मे सूर्य, केतु, वृश्चिक में मंगल, धनु मे गुरू, मेष मे राहू।
7. सैफ अली खान:- 16 अगस्त 1970। मेष लग्न:- मेष मे शनि, कर्क मे सूर्य, मंगल, सिंह में केतु, बुध, कन्या मे शुक्र, तुला में गुरू, मकर में चन्द्र, कुंभ में राहू। फिल्म अभिनेता सैफ अली खान ने अपने से 12 साल बड़ी फिल्म अभिनेत्री 8 फरवरी 1958 को जन्मी अमृता सिंह से शादी की थी।
8. सचिन तेंदुलकर:- 21 अप्रैल 1973। शाम- 6 बजे। बम्बई। कन्या लग्न,  धनु मे चन्द्र राहू, मकर में मंगल गुरू, मीन मे बुध मेष में सूर्य, शुक्र, वृष मे शनि, मिथुन में केतु। सचिन तेंदुलकर ने अपने से बड़ी उम्र की डाक्टर पत्नी अजंली से विवाह किया था।