संदेश

महाकुंभ 2025 की तैयारियों के संदर्भ में मंडल रेल प्रबंधक झांसी ने व्यापक निरीक्षण कर निर्देशित किया

चित्र
महाकुंभ के स्नान दिवसों के लिए झांसी रेलवे स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण मंडल रेल प्रबंधक ने स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं का किया निरीक्षण - राजेन्द्र कुमार महाकुंभ 2025 के आगामी शाही स्नानों के दृष्टिगत मंडल रेल प्रबंधक झांसी दीपक कुमार सिन्हा ने वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सर्कुलेटिंग एरिया का जायजा लिया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैयार किए जा रहे प्लान पर विस्तृत चर्चा किया। स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर ट्रैफिक प्लान बनाने के लिए कहा। उन्होंने बुकिंग एंट्री के सामने बने हर्डल को हटाने के लिए भी निर्देशित किया। श्री सिन्हा ने श्रद्धालुओं कि सुविधा हेतु यात्री शेड में व्यवस्थाओं को सुधारने के साथ ही स्पेशल ट्रेनों की समय सारणी के बड़े बैनर लगाने के लिए कहा गया। यात्री शेड और अन्य स्थानों पर अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। विद्युत की व्यवस्था सुदृढ़ रखने और हेल्प डेस्क पर 24 घंटे कर...

लोक नृत्य का स्वरूप व ताल

‘‘भारतीय लोकनृत्यों के अनेक स्वरूप और ताल हैं। इनमें अध्यात्म धर्म, व्यवसाय और समूह के आधार पर अंतर है। मध्य और पूर्वी भारत की जनजातियां (मुरिया, भील, गोंड, जुआंग और संथाल) सभी उत्सवों पर नृत्य करती हैं। ऋतुओं के वार्षिक चक्र के लिए भी अलग-अलग नृत्य हैं। नृत्य धार्मिक, आध्यात्मिक अनुष्ठानों का अंग है। भारतीय लोकनृत्यों को तीन वर्गों में समझा जा सकता है।‘‘ - रेखा त्रिगुणायत भारतीय नृत्य शैली का इतिहास पूर्व वैदिक काल यानी सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ है। मोहन जोदड़ो और हड़प्पा में खुदाई के दौरान मिली नृत्य करती मूर्ति से पता चलता है कि उस समय के लोगों के सामाजिक जीवन में नृत्य का महत्वपूर्ण स्थान था और वे इस कला में पारंगत थे। भारतीय लोगों को 5000-6000 ईसा पूर्व भी संगीत और नृत्य का ज्ञान था। द्रविड़ों द्वारा नृत्य की कला भी उच्च कोटि की थी और उनके जीवन से हमें एकरूपता, दूरदर्शिता और आंतरिक सौंदर्य की समृद्धि के बारे में पता चलता है। द्रविड़ महिलाएं नृत्य में निपुण और सुंदर थी। भारत के आदिवासी, वनवासी सहित अनेक समूहों के नृत्य आकर्षक रहे हैं। मांगलिक उत्सव में बच्चों से लेकर बूढ़े, बुजुर्...

ताकि आप अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें

चित्र
- अमरजीत वर्मा हमारा पुलिस से प्रतिदिन सम्पर्क होता है। हम उन्हें अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा करते हुए, भीड़ को नियंत्रित करते हुए, गवाही देते हुए, यातायात को नियंत्रित करते हुए, थानों में शिकायत दर्ज करते हुए, लोगों को अदालत तक पहुंचाते हुए या अपराधियों और आंतकवादियों से लड़तें हुए ऐसे अनेक काम करते हुए देखते हैं। हम समाचार पत्रों, या टी.वी. के माध्यम से या फिर आपसी बातचीत द्वारा भी पुलिस के बारे में काफी कुछ सुनते हैं। पुलिस के बारे में हर व्यक्ति की अपनी एक राय होती है और अक्सर ये राय प्रशंसा भरी नहीं होती। लेकिन वास्तव में ज़्यादा तर लोग पुलिस के बारे में बहुत कम जानकारी रखते हैं। लोकतंत्र में पुलिस सत्तारूढ़ सरकार की एजेन्ट नहीं होती जिसे लोगों को दबाने और नियत्रण में रखने के लिए इस्तेमाल किया जाए। इसके बजा, यह फायर ब्रिगेड या राजस्व विभाग के समान एक अनिवार्य सेवा है जिसका कर्तव्य कानून के अनुसार हम सब को सुरक्षा प्रदान करना है। अन्य सरकारी अधिकारियों की तरह पुलिस कर्मी भी जनता की सेवा के लिए नियुक्त लोक सेवक हैं जिनका वेतन नागरिक अदा करते हैं। जैसे कि पुलिस का हमारे प्रति क...

चन्द्रमा जन्य पीड़ाओं की शांति के उपाय

चित्र
डा. डी.एस. परिहार चन्द्रमा ज्योतिष मे मानसिक स्थिति, सुख-शांति, धन-संपत्ति, यात्रा, गर्भाधान, शिशु अवस्था, व्यवहार, मनोबल, गर्भाशय, बांयी आंख और छाती सुंदर, कल्पनाशीलता, भावुकता, संवेदनशीलता, साहस, शीतलता और शांति माता, दूध, और उत्तर पश्चिम दिशा का कारक माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को स्त्री ग्रह और जलीय ग्रह माना गया है। चंद्रमा कमजोर हो तो जातक मानसिक रूप से कमजोर, भुलक्क्ड़ व व्यक्ति कई बार मुश्किल समय में आत्महत्या करने की कोशिश करता है चन्द्रमा कमजोर हो तो व्यक्ति मन से कमजोर होता है और उसके अंदर साहस की कमी और मानसिक परेशानियां रहती हैं। जातक को मस्तिष्क पीड़ा, अनिद्रा, सिरदर्द, तनाव, डिप्रेशन रहता है व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार आते हैं। मन में सदैव अज्ञात भय की स्थिति रहती है चाह कर भी ऐसे व्यक्ति दूसरों का मना नहीं कर पाते हैं जिस कारण ये तनाव से ग्रसित हो जाते हैं चंद्रमा के अशुभ होने से मां का पूर्ण सहयोग प्राप्त नहीं हो पाता है। मां की सेहत खराब रहती है पागलपन, नजला जुकाम, टी.बी., गर्भाशय के रोग सांस संबधी परेशानी होती है, मित्रों से धोखा मिलता है। कैरियर में...

विदेशों में भी एक्सपोर्ट किया जाता है अलीगढ़ का ताला

चित्र
घनचक्कर बना देगा ताला, चुटकियों में होता है बंद, खोलने में छूट जाएंगे पसीने - मनोज मिश्रा उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ जिला ताला के लिए विश्व विख्यात है। अलीगढ़ में बड़े पैमाने पर ताला बनता है। यहां कई तरह के ताले तैयार बनाए जाते हैं। अलीगढ़ को ताला नगरी भी कहा जाता है। यहां एक ताला ऐसा भी है जिसको बंद करने के लिए चाबी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस ताले को पुश लाक कहा जाता है। इस ताले को बनाते समय इसमें डाले गए लीवर में एक ऐसी बटन का उपयोग किया जाता है, जिसको दबाते ही यह लाक हो जाता है, लेकिन वापस दबाने पर खुलता नहीं है, जिसे खोलने के लिए चाबी की जरूरत पड़ती है। इस पुश लाक की मांग विदेश तक है। ताला कारोबारी जमाल अहमद ने बताया कि मेरे यहां पिछले 30 वर्षों से ताले का कारोबार किया जा रहा है। हमारे यहां बनने वाले तालों में एक पुश लाक भी तैयार किया जा रहा है, जिसे लगाने के लिए चाबी की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन खोलने के लिए चाबी की जरूरत पड़ती है। यही इस ताले की खासियत है। जमाल ने बताया कि इस ताले में एक बटन का उपयोग किया जाता है। जैसे ही हम उस ताले को पुश करते हैं वह ताला लग जाता है, लाक हो जाता है। इस ...

मुख्यमंत्री ने जनपद सोनभद्र में खेल और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया

चित्र
- सत्य प्रकाश मिश्रा, ब्यूरो चीफ सोनभद्र जनपद सोनभद्र में विधायक खेल महाकुम्भ में तकरीबन 11 हजार प्रतिभागियों ने शिरकत किया। इस मौके पर परम्परागत संस्कृतिक एवं चित्रकारी प्रतियोगिता का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। हाकी, फुटबाल, दौड़, ऊंची कूद एवं क्रिकेट के साथ-साथ तमाम खेलकूद का आयोजन किया गया। जिसमें सफल हुए प्रतिभागियों को पुरूस्कार देने एवं हौसला अफजाई करने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनपद सोनभद्र के मुख्यालय राबर्ट्सगंज में उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री योगी ने मंच से सदर विधायक भूपेश चैबे की भूरि-भूरि प्रशंसा करते इस सफल आयोजन के लिए मुबारकबाद पेश किया। मुख्यमंत्री ने शताब्दी के सबसे बड़े भव्य महाकुंभ के साथ-साथ अयोध्या का भी जिक्र किया। वहीं कहा, डबल इंजन की सरकार खेलकूद को बढ़ावा दे रही है। साथ ही इतने सफल  विधायक खेल महाकुंभ के लिए प्रेरणा प्रधानमंत्री और डबल इंजन की सरकार से मिली है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा, खेलकूद से युवाओं का सर्वांगीण विकास के साथ-साथ देश का भी विकास होता है। सीएम ने मंच से सोनभद्र के स्वयं सहायता समूहों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। साथ ही कहा ...

मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में सूरज चैधरी के आने से त्रिकोणीय मुकाबला हुआ

चित्र
मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला, चंद्रशेखर आजाद ने सूरज चैधरी को बनाया उम्मीदवार - मनोज मिश्रा, ब्यूरो चीफ अयोध्या उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की हाई प्रोफाइल मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव दिलचस्प हो गया है। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बाद अब आजाद समाज पार्टी ने भी मिल्कीपुर से अपना प्रत्याशी उतार दिया है। पार्टी के मुखिया नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने सूरज चैधरी को मिल्कीपुर उपचुनाव में प्रत्याशी बनाकर उपचुनाव ने सियासी हलचल तेज कर दी है। एक समय समाजवादी पार्टी के करीबी रहे सूरज चैधरी अब आजाद समाज पार्टी से चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। सूरज चैधरी कभी समाजवादी पार्टी का अहम चेहरा माने जाते थे। सूरज चैधरी फैजाबाद से सपा सांसद अवधेश प्रसाद के करीबी रह चुके हैं। सूरज चैधरी ने हाल ही में 500 समर्थकों के साथ सपा छोड़कर भीम आर्मी से जुड़ गए। यह उपचुनाव सूरज चैधरी लिए न केवल अपनी सियासी पहचान को मजबूत करने का मौका है, बल्कि सपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। भाजपा की नजरें भी सूरज चैधरी की चुनावी रणनीति पर टिकी होंगी। मिल्कीपुर उपचुनाव के...